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तीन तलाक बिल पर बोलीं केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, पीड़िता को मदद पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता

बीते गुरुवार को लोकसभा से पारित किए गए तीन तलाक बिल के बाद केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी) द्वारा लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय में एनआरआई शादी के बाद दिए गए तीन तलाक की शिकार पीड़ित महिलाओं की मदद करने का ऐलान किया गया है।

तीन तलाक बिल पर बोलीं केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, पीड़िता को मदद पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता

बीते गुरुवार को लोकसभा से पारित किए गए तीन तलाक बिल के बाद केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी) द्वारा लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय में एनआरआई शादी के बाद दिए गए तीन तलाक की शिकार पीड़ित महिलाओं की मदद करने का ऐलान किया गया है। क्योंकि अभी मंत्रालय एनआरआई शादी के मामलों में मुसीबत में फंसी महिलाओं की मदद कर रहा है।

लेकिन अब उसका कहना है कि इन शादियों में अगर किसी महिला के पति ने उसे तीन तलाक को आधार बनाकर छोड़ दिया है। तो उसे भी विभाग की ओर से पूरी मदद दी जाएगी।

शनिवार को डब्ल्यूसीडी मंत्रालय की ओर से ऐसे ही पहले प्रकरण पर कार्रवाई करने की बात कही गई है, जिसमें अमेरिका में रहने वाले एक एनआरआई सर्जन ने अपनी पत्नी को तीन तलाक देकर बेंगलुरु में छोड़ दिया है।

खुद केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने इसे लेकर अपने टिवटर हैंडल से ट्वीट किया और कहा कि एनआरआई शादी और तीन तलाक से जुड़े हुए इस प्रकरण के बाद पीड़ित महिला को मदद पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता होगी।

उठाया पहली बार कदम
यह कदम मंत्रालय ने संसद के निचले सदन लोकसभा से तीन तलाक को गैरकानूनी घोषित किए जाने संबंधी बिल को मंजूरी देने के बाद पहली बार उठाया गया है।
मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि पीड़ित महिला का पति एक अमेरिकी सर्जन है और उसने बेंगलुरु में अपनी पत्नी को तीन तलाक देकर छोड़ दिया है। उसके भाई की ओर से मंत्रालय को मदद के लिए गुहार लगायी गई थी।
इसमें डब्ल्यूसीडी मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में बनायी गई अंतर-मंत्रालयी नोडल अथोरिटी मामले की जांच कर रही है। उसी के द्वारा तमाम जरुरी कदम उठाए जाएंगे।
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