Web Analytics Made Easy - StatCounter
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

बजट 2018: ब्रोकरों ने शेयर के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स पर जताई निराशा

जेरोधा के संस्थापक नितिन कामत ने कहा कि शेयरों पर दस प्रतिशत के दीर्घावधि के पूंजीगत लाभ कर से कुल अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।

बजट 2018: ब्रोकरों ने शेयर के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स पर जताई निराशा

शेयर ब्रोकरों ने शेयरों पर दीर्घावधिक पूंजीगत लाभ कर लगाने पर निराशा जताई है। उनका कहना है कि लघु अवधि में बाजार पर इसका असर पड़ेगा। हालांकि, कुछ ब्रोकरों का मानना है कि यह कदम कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी होगा।

जेरोधा के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी नितिन कामत ने कहा, ‘शेयरों पर दस प्रतिशत के दीर्घावधि के पूंजीगत लाभ कर से कुल अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। हालांकि, कुछ समय के लिए इससे बाजार को कुछ झटका लगेगा। मेरा मानना है कि यह थोड़े समय के लिए होगा।’

इसे भी पढ़ें- बजट में 'असली भारत' पर जोर, रोजगार बढ़ाने को प्राथमिकता: उद्योग जगत

बाजार पर होगा नकारात्मक असर

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट 2018-19 में शेयर बाजार में एक लाख रुपए से अधिक के लाभ पर दस प्रतिशत का पूंजीगत लाभ कर (एलटीसीजी) लगाने की घोषणा की है।

कोटक सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमलेश राव ने कहा कि एलटीसीजी को तर्कसंगत किया गया है।

हालांकि, इसकी धारणा पर नकारात्मक असर होगा, लेकिन यदि कंपनियों की आमदनी बढ़ती है, तो इक्विटी पर रिटर्न बेहतर मिलने से इसे झेला जा सकेगा।

एलटीसीजी नए अवतार में आया

अरिहंत कैपिटल मार्केट्स की पूर्णकालिक निदेशक अनिता गांधी ने कहा, ‘एलटीसीजी को लागू करने से शेयर बाजारों को कुछ निराशा हुई है।

हालांकि, एमएसएमई के लिए कॉरपोरेट कर की दरों में कमी से उन्हें वृद्धि की राह पर लाया जा सकेगा।’ बीडीओ इंडिया के प्रबंधकीय भागीदार मिलिंद कोठारी ने कहा, ‘बहुप्रतीक्षित एलटीसीजी नए अवतार में आया है।

जैसा कि हम जानते हैं कर कानून में समय के साथ यह और खराब होगा। इससे लगातार बजट में दीर्घावधि के लाभ पर कर की मूल प्रतिबद्धता समाप्त होगी।

इसे भी पढ़ें- मूडीज ने की तारीफ, कहा- बजट देश को सही दिशा में ले जाने वाला

एसटीटी को भी नहीं हटाया

सरकार अभी शेयर से होने वाली इनकम पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स लगाती है। अभी 1 साल से कम समय में शेयर बेचने पर 15 फीसदी का शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होता है।

वहीं, बजट में सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स को हटाने का भी एलान नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि निवेशकों को दोनों तरह के टैक्स देने होंगे। ऐसा गिने-चुने देशों में ही हो रहा है।

माना जा रहा था कि सरकार ने अपना रेवेन्यू बढ़ाने के लिए यह कदम उठा सकती है। वहीं, म्यूचुअल फंड भी निवेशकों को जो कमाई डिस्ट्रिब्यूट करेंगे उस पर भी 10 फीसदी टैक्स लगेगा।

निगेटिव सेंटीमेंट बनने का डर

अशोक माहेश्‍वरी एंड एसोसिएट्स के पार्टनर अमित माहेश्‍वरी का कहना है कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स शेयर मार्केट के लिए निगेटिव खबर है।

इससे उन निवेशकों को सेंटीमेंट निगेटिव बनेगा जो शेयर मार्केट की ओर शिफ्ट हो रहे थे या इसकी प्लानिंग में थे। इससे उनका रूझान इक्विटी मार्केट की जगह गोल्ड और प्रॉपर्टी में बढ़ सकता है।

पहले लिया जाता था एलटीसीजीटी

2005 तक शेयर बाजार की कमाई पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता था, लेकिन शेयर बाजार में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए इसे हटा लिया गया था।

हाल के दिनों में रिटेल निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बाजार में निवेश करने लगे हैं। शेयर बाजार में औसतन निवेश हर महीने करीब 100 करोड़ डॉलर है। म्‍यूचुअल फंड फोलियो की तादाद 2017 में 1.37 करोड़ बढ़ोतरी हुई है, अब ये 6.65 करोड़ पहुंच गई है।

Next Story
Share it
Top