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बजट में ''असली भारत'' पर जोर, रोजगार बढ़ाने को प्राथमिकता: उद्योग जगत

उद्योग जगत ने आम बजट की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण भारत यानी असली भारत केंद्रित बताया।

बजट में

उद्योग जगत ने गुरुवार को संसद में पेश आम बजट की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण भारत यानी असली भारत केंद्रित बताया।

उद्योग जगत ने कहा कि यह बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के साथ ही रोजगार के अवसर सृजित करेगा। इससे उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा और भविष्य की आर्थिक वृद्धि का रुख तय होगा।

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बायोकॉन की चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) किरण मजूमदार शॉ ने ट्वीट किया, ‘अंतत: एक समान हेलथकेयर की शुरुआत हुई जो लंबे समय से समावशी आर्थिक विकास के लिए जरूरी था। चिकित्सकीय संरक्षण के बिना गरीब लोग गरीब ही बने रहेंगे।’

चिकित्सा बीमा की सराहना: महिंद्रा

महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने ट्वीट पर कहा, ‘अधिक आबादी वाले देश में लोक-लुभावन और चुनाव केंद्रित बजट भी वृद्धि के अनुकूल हो सकता है! मुझे संदेह है कि इससे मुख्य ग्रामीण बाजारों में वृद्धि को बल मिलेगा।

मैं इससे इतर 10 करोड़ लोगों के चिकित्सा बीमा के लिए इस बजट की सराहना करूंगा। यह विकसित समाज बनने के प्रति एक सही कदम है।’

बेहज मिश्रित बजट: पूनावाला

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अदर पूनावाला ने इसे बेहद मिश्रित बजट करार दिया।

उन्होंने कहा, ‘इस बजट में सरकार का मुख्य जोर रोजगार सृजन पर होने वाला था। हालांकि किसी भी घोषणा से रोजगार सृजन में उल्लेखनीय प्रगति की संभावना नहीं दिखती।’

सभी के लिए बजट: पीएचडी चेंबर

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अनिल खेतान ने कहा कि सरकार ने सभी के लिए बजट पेश किया है। कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, ढांचागत संरचना और लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उपक्रमों पर जोर देना सराहनीय है।

डाबर इंडिया के सीईओ सुनील दुग्गल ने कहा कि असली भारत यानी ग्रामीण भारत बजट का मुख्य केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि बजट उम्मीदों के अनुरूप है और ग्रामीण भारत में जीवनयापन की गुणवत्ता बेहतर करने पर केंद्रित है।

बजट में विकास पर जोर: हिंदुजा

हिंदुजा ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन अशोक हिंदुजा ने कहा, ‘कृषि, हेल्थकेयर, शिक्षा, रोजगार सृजन और ढांचागत संरचना क्षेत्रों पर नवोन्मेष के साथ विकास पर जोर देना सराहनीय है।

यह अर्थव्यवस्था को 8-10 प्रतिशत की वृद्धि दर आसानी से हासिल करने तथा 2025 तक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को दोगुना करने में मदद करेगा।’

स्वास्थ्य, कृषि पर जोर: इंफोसिस

इंफोसिस लिमिटेड के सह-संस्थापक क्रिस गोपालकृष्णन ने कहा कि बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि जैसे क्षेत्रों पर खूब जोर दिया गया है जो स्वागयोग्य कदम है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि ये क्षेत्र काफी बड़ी संख्या में रोजगार के मौके सृजित कर सकते हैं।’

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