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इस देश में चरम पर है यौन हिंसा, बच्चों को जबरन दिखाया जाता है मां का बलात्कार

संयुक्त राष्ट्र ने दक्षिण सूडान में मानवाधिकारों की खराब हालत को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कई पीड़ितों ने अपनी दर्दनाक आपबीती सुनाई है।

इस देश में चरम पर है यौन हिंसा, बच्चों को जबरन दिखाया जाता है मां का बलात्कार

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने दक्षिण सूडान में मानवाधिकारों की खराब हालत को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, सूडान में बच्चों को अपनी मां और अन्य रिश्तेदारों का रेप होते या उन्हें मरते हुए देखने के लिए मजबूर किया जाता है। यूएन का कहना है कि दक्षिण सूडान में यौन हिंसा चरम पर पहुंच चुकी है।

रिपोर्ट में कई पीड़ितों ने अपनी दर्दनाक आपबीती सुनाई है। पीड़ितों ने बताया कि किस तरह से उन्हें अपनी जान बचाने के लिए परिवार के सदस्यों का बलात्कार करने के लिए मजबूर किया जाता है।

इतना ही नहीं एक पीड़िता महिला ने बताया कि उसके बेटे को जिंदा रहने के लिए अपनी दादी का बलात्कार करने के लिए मजबूर किया गया था।

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40 अधिकारी अपराध में शामिल

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार जांचकर्ताओं द्वारा शुक्रवार को जारी की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि दक्षिण सूडान के तकरीबन 40 अधिकारी मानवता के खिलाफ हो रहे अपराधों के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक, अभी इन अधिकारियों का नाम सामने नहीं लाया गया है लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जल्द ही इनके नाम सामने लाए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि इन 40 अधिकारियों में से 4 कर्नल लेवल के अधिकारी हैं और 3 स्टेट गवर्नर्स हैं।

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अधिकारी बाल सैनिकों की करते हैं भर्ती

यूएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि यही अधिकारी बाल सैनिकों की भर्ती करते हैं। यूएन के जांचकर्ताओं ने सैंकड़ों लोगों की गवाही, सैटेलाइट की फोटोज और लगभग 60 हजार दस्तावेजों के आधार पर ये रिपोर्ट तैयार की है।

बता दें कि सूडान में यौन हिंसा के साथ-साथ भुखमरी की भी काफी ज्यादा समस्या है। आम लोगों को ये परेशानी सरकार के धड़ों के बीच जारी संघर्ष की वजह से हो रही है।

लगातार बढ़ रही है हिंसा

गौरतलब है कि दक्षिण सूडान को साल 2011 में सूडान से स्वतंत्रता मिल गई थी लेकिन दिसंबर 2013 से ही यहां गृह युद्ध शुरू हो गया। हालांकि, साल 2015 यहां शांति समझौते पर साइन हुए लेकिन फिर भी हिंसा लगातार बढ़ती ही जा रही है।
वहीं इस मामले के सामने आने के बाद दक्षिण सूडान की सरकार की ओर से कहा गया है कि इन अपराधों में जिसका भी नाम शामिल है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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