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मंत्रालय बदलने पर उमा भारती ने तोड़ी चुप्पी, दिया बड़ा बयान

मोदी कैबिनेट फेरबदल के बाद उमा बोली ने कहा कि गंगा स्वच्छता को लेकर मेरा प्रदर्शन खराब नहीं रहा।

मंत्रालय बदलने पर उमा भारती ने तोड़ी चुप्पी, दिया बड़ा बयान
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मंत्रिमंडल विस्तार में भले ही उमा भारती से गंगा सफाई मंत्रालय छीन लिया हो, लेकिन उमा भारती ने ऐलान कर दिया है कि वे गंगा को नहीं छोडेगी। केंद्रीय मंत्री उमा भारती अब गंगा यात्रा शुरू करेगी।

स्वच्छता और पेयजल मंत्रालय संभालने के बाद उमा भारती ने कहा कि गंगा उनके रोम रोम में बसी है,उन्हें गंगा से कोई दूर नहीं कर सकता है। वह स्वच्छता का संदेश भी यह गंगा पदयात्रा कर ही देगी।

उमा की इस घोषणा को उनकी नाराजगी से जोड कर भी देखा जा रहा है। प्रेस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं किसी भी मंत्रालय में रहूं,मां गंगा की सेवा करती रहूंगी। 2012 से मेरी इच्छा थी कि गंगा की पदयात्रा करूं,लेकिन किसी कारणवश यात्रा रूकती रही।

पहले भी मैं कई बार गंगा पद यात्रा करने को लेकर पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी अवगत करवा चुकी हूं। संभवत्ा अक्टूबर के पहले सप्ताह से गंगासागर से गंगापदयात्रा शुरू होगी।

इस यात्रा में गंगा के साफ रखने और उनके शुद्ध रखने का संदेश दिया जाएगा। यात्रा में कोई भी तामझाम नहीं होगा। गंगा सागर से हरिद्धार तक की यात्रा में उमा भारती सप्ताह में दो दिन शामिल होगी। बाकि कामकाज मंत्रालय से ही देखेंगी। यात्रा एक वर्ष तक चलेगी।

हां,पीएम से पडी है डांट…

केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि गंगा की स्वच्छता को लेकर मेरा प्रदर्शन खराब नहीं रहा है। कोई क्या सोचता है, उससे मुझे फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन मैं गंगा के कामकाज में फेल नहीं हुई हूं।

भारती ने कहा, विभाग बदलने के पीछे मेरी इच्छा थी, मैंने प्रधानमंत्री से गंगा के किनारे पदयात्रा करने की अनुमति मांगी थी। अब वो इच्छा पूरा करने जा रही हूं। मैं प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करती हूं।

इसके साथ ही उमा भारती ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि प्रधानमंत्री से मुझे डांट पड़ी है, लेकिन कामकाज के लिए नहीं, बल्कि मेरा वजन बढ़ने के लिए पीएम ने मुझे डांटा और कहा कि तुम्हारा वजन बढ़ रहा है। भारती ने यह भी कहा कि वह पीएम मोदी को अपना गुरू भी मानती है,जब वह मप्र की सीएम बनी तो रोज कामकाज को लेकर पीएम मोदी से चर्चा करती थी।

गंगा के किनारे हो गए ओडिएफ -

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गंगा नदी के किनारे बसे 16 सौ ग्राम पंचायते व चार हजार गांव खुले में शौच से मुक्त ¼ओडिएफ½ हो चुके है। अब उन्हें ओडिएफ प्लस होना बाकि है। लोगों में स्वच्छता की प्रकृति ही स्वच्छता लाएगी।

गांवों में पेयजल की समस्या के निदान के लिए पुरानी स्कीम को संशोधित करके और जन उपयोगी बनाने के लिए नया ढांचा तैयार किया है जो केबीनेट की मंजूरी के लिए जाएगा। अब सिर्फ गंगा की स्वच्छता शेष रह गई है,जिसके लिए नमानि गंगे फंड की व्यवस्था है,जिसका अब आगे इसी लक्ष्य के लिए उपयोग होगा।

नितिन जी को भी लगेगा समय-

गंगा की सफाई में लग रहे समय को लेकर जब उमा भारती से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जितना वक्त मुझे गंगा की सफाई में लग रहा था,उतना ही वक्त नितिन जी को भी लगेगा।

अभी तक मैं नितिन जी के सहयोग से काम कर रही थी,अब मैं उनका सहयोग करूंगी। गौरतलब है कि सोमवार को जब केंद्रीय मंत्री गडकरी ने जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद पिछले तीन सालों में नदी की स्वच्छता एवं निर्मलता के लिए उमा भारती के कठिन प्रयासों की सराहना की थी।

गडकरी ने कहा कि वे इस बात का प्रयास करेंगे कि मंत्रालय उन सभी लक्ष्यों को हासिल करे, जो उमा भारती ने निर्धारित किए हैं।


मुझे हटाने का जवाब मोदी और शाह देगे -

उमा भारती से उन्हें गंगा मंत्रालय से हटाने का सवाल जब किया गया तो उन्होंने कहा कि मुझे क्यों हटाया गया इसका जबाव पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह देंगे। उमा ने यह भी कहा कि गंगा उनसे छीनी नहीं बल्कि पीएम ने खुद मुझे दी है।

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