Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

देश का इकलौता यूको बैंक, जिसमें नहीं लगता कभी ताला

इस ब्रांच को खोलने के लिए सरकार और रिर्जव बैंक को भी अपने नियमों में बदलाव करना पड़ा था।

देश का इकलौता यूको बैंक, जिसमें नहीं लगता कभी ताला
औरंगाबाद. देश भर में बैंक सिक्युरिटी को लेकर के काफी सख्त रहते हैं और इसमें किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं करते हैं। लेकिन देश में यूको बैंक की एक ऐसी ब्रांच है जिसको देश की पहली लॉकलेस ब्रांच होने का दर्जा हासिल है। लॉकलेस ऐसी ब्रांच होता है जहां पर ताला नहीं लगता है। इस ब्रांच को खोलने के लिए सरकार और रिर्जव बैंक को भी अपने नियमों में बदलाव करना पड़ा था।
एक ऐसी बैंक जहां पर दरवाजे तो हैं लेकिन उनमें ताला नहीं लगाया जाता फिर चाहे दिन हो रात हो या छुट्टी ही क्यों ना हो इस बैंक के दरवाजे पर आपको ताला लटका हुआ नहीं मिलेगा।
इसके पीछे ये है राज
शानि धाम के नाम से विख्यात इस कस्बे में हर साल हजारों की संख्या में देश-विदेश से लोग दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां के स्थानीय निवासियों में ऐसी मान्यता है कि शनि भगवान यहां के लोगों और उनके घरों की रक्षा करते हैं। मान्यता ये भी है कि यहां के एरिया के दो किलोमीटर के आसपास भी कोई चोरी करने की कोशिश करता है तो वो अंधा हो जाता है। और यही डर लोगों को चोरी नहीं करने देता।
कोई तैयार नहीं था ब्रांच खोलने
ब्रांच में हर वक्त कैश रहता है, इसलिए सिक्युरिटी के प्वाइंट से बैंक छुट्टी के दिन और रात के वक्त ताला लगा कर रखते हैं। कोई भी बैंक यहां पर अपनी ब्रांच खोलने के लिए तैयार नहीं था।
कस्बे में खुली रहती है दुकानें
शनि शिंगनापुर कस्बे में जितनी भी दुकानें हैं वहां के दुकानदार शटर नहीं लगाते हैं। रात भर दुकानें खुली रहती हैं और सामान भी गायब नहीं होता हैं। इतना ही नहीं यहां के घरों में आपको चौखट तो मिल जाएगी लेकिन दरवाजे नहीं मिलेंगे। यहां दरवाजों की जगह पर्दे का इस्तेमाल करते हैं।
2011 से पहले कस्बे में कोई बैंक नहीं थी
महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में खुली है यह ब्रांच यूको बैंक की यह ब्रांच अहमदनगर जिले के एक छोटे-से कस्बे शनि शिंगनापुर में हैं। 2011 से पहले इस कस्बे में किसी भी बैंक ने अपनी ब्रांच नहीं खोली थी। इसका कारण यह था इस कस्बे में रहने वाले लोगों ने बिना ताला लगाए बैंकों को अपनी ब्रांच खोलने के लिए कहा था और इसके लिए बैंक, सरकार, लोकल पुलिस और आरबीआई राजी नहीं थे।
यूको बैंक ने खोली ब्रांच
सिक्युरिटी संबंधी पहलुओं पर गौर करने के बाद आरबीआई ने नियमों में छूट देने के बाद यूको बैंक ने ब्रांच खोलने का निर्णय लिया और 2011 में इस कस्बे में अपनी ब्रांच खोली। शुरू के महीनों में बैंक अधिकारियों को काफी डर लगा था। बैंक ने इसके लिए छुट्टी के दिन और रात के समय भी कर्मचारियों की तैनाती की थी ताकि कैश की सुरक्षा हो सकें।
बैंक के बाहर लगा है एक ग्लास फ्रेम डोर
धीरे-धीरे बैंक ने इन कर्मचारियों को भी हटाना शुरू कर दिया। अब बैंक के बाहर ग्लास फ्रेम डोर लगाया गया है जिससे कोई जानवर ना घुस जाएं। लेकिन किसी भी समय यहां ताला नहीं लगता है चाहे बैंक में कितना भी कैश क्यों ना रखा हो। कैश को रखने के लिए बैंक के अंदर एक स्ट्रॉन्ग रूम है।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Share it
Top