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इच्छा मृत्यु की अपील के 2 साल बाद युवक ने बदला अपना इरादा, जानिए क्या है पूरा मामला

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Mar 12 2018 12:37AM IST
इच्छा मृत्यु की अपील के 2 साल बाद युवक ने बदला अपना इरादा, जानिए क्या है पूरा मामला

कभी मेरुरज्जू जख्म से माल्दा जिले का 24 वर्षीय सुमन दास बुरी तरह लड़खड़ा गया था और उसके जीने की आस खत्म हो गयी थी लेकिन अब दो साल बाद उसने नई उम्मीदों के साथ जीवन पर पलटकर देखना शुरु किया है। सुमन दास ने गंभीर बीमारी और भयंकर गरीबी के आलोक में अपनी जिंदगी खत्म करने की अनुमति मांग कर पश्चिम बंगाल में इच्छा मृत्यु की बहस पैदा कर दी थी। लेकिन उसका विचार बदल गया है। 

उसने कहा कि मैं अब नहीं मरना चाहता। वह वाकर की मदद से अब चल- फिर सकता है और इसका श्रेय जाता है कि एक फिजियोथेरेपिस्ट को, जो उसका मुफ्त इलाज कर रह है। दास ने 28 अक्तूबर, 2016 को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि उसे बेंगलुरु के अस्पताल से लौटने के बाद इच्छा मृत्यु को गले लगाने की इजाजत दी जाए।

उसे बेंगलुरु से लौटना पड़ा था क्योंकि ऑपरेशन के बाद फिजियोथेरेपी काफी महंगी थी और इंगलिशबाजार का यह गरीब श्रमिक उस खर्च को उठाने में बिल्कुल असमर्थ था। उसकी मां सरस्वती देवी ने एक न्यूज एजेंसी से कहा कि मेरा बेटा 2016 के मध्य में बेंगलुरु में सर्जरी के बाद अपना हाथ-पैर नहीं हिला पाता था और अस्पताल ने उसे लंबे समय तक फिजियोथेरेपी कराने की सलाह दी जो काफी महंगी थी।

लौटने के बाद सुमन अवसाद में चला गया और उसने जिला प्रशासन को पत्र लिखा। पड़ोसियों ने उसे अवसाद से बाहर आने के लिए प्रेरित किया और एक एनजीओ से जुड़े फिजियोथेरेपिस्ट सुनीरमल घोष ने उसकी जिंदगी पटरी पर फिर से लाने की जिम्मेदारी ली।

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two yrs after euthanasia appeal youth wants to start life anew

-Tags:#Euthanasia#Suman Das#West Bengal
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