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नोटबंदी के बाद मायवती, मीसा व रेड्डी समेत दर्जनों नेताओं ने करोड़ों के काले धन को किया सफेद

ईडी ने इस सिलसिले में अबतक 54 लोगों को गिरफ्तार किया है।

नोटबंदी के बाद मायवती, मीसा व रेड्डी समेत दर्जनों नेताओं ने करोड़ों के काले धन को किया सफेद

पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के ऐलान के बाद काले धन को सफेद करने के गोरखधंधे के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चल रही सघन मुहीम में दर्जनों राजनीतिज्ञों और अफसरशाहों के नाम उजागर हुए हैं।

पिछले साल दिसंबर से शुरु हुई इस मुहीम में इस गोरखधंधे के विदेशों तक फैले गहरे गैरकानूनी तंत्र का पर्दाफाश हुआ है।

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ईडी के डोजियर में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सांसद मीसा यादव, खनन उद्यमी और तमिलनाडु की राजनीति में गहरी पैठ रखने वाले शेखर रेड्डी समेत दर्जनों नेताओं के पैसे के संदिग्ध लेन-देन का ब्यौरा है।

इन नेताओं के साथ दो दर्जन से अधिक अफसरशाह और निजी व्यक्तियों के खिलाफ जांच तेजी से चल रही है। ईडी डोजियर के मुताबिक काले धन को सफेद करने के 4000 ठोस मामले सामने आए हैं। ईडी ने नवंबर 2016 से सितंबर 2017 के बीच इन सभी मामलों में फेमा और पीएमएलए के तहत केस दर्ज किया है।

11000 करोड़ के हेरफेर का मिला सबूत

ईडी के मुताबिक एजेंसी को अबतक 11000 करोड़ रुपए के हेरफेर का सुबूत मिला है। इस मुहीम में ईडी ने अबतक 800 रेड की हैं जिनमें देश और विदेशों के मनी ट्रांस्फर चैनल के सुराग मिले हैं।

ईडी ने इस सिलसिले में अबतक 54 लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि करीब 600 कंपनियों से उनके धंधे का ब्यौरा मांगा गया है। ईडी के उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि इस गोरखधंधे में संयुक्त अरब अमीरात, दुबई, मलेशिया और हांगकांग जैसे कई देशों के मनी चैनल का इस्तेमाल किया गया है।

ईडी ने अन्य सरकारी एजेंसियों की मदद से इन देशों को धन की आवाजाही की जानकारी देने के लिए अनुरोध पत्र (लेटर रोगेटरी) भेजा है। डोजियर के मुताबिक नोटबंदी के तुरंत बाद काले धन के सफेद करने का बड़ा तंत्र सक्रिय हो गया।

स्टॉक मार्केट, खनन व्यापार, शेल कंपनी और सहकारी संस्थानों का जम कर इस्तेमाल किया गया। सूत्रों के मुताबिक इसमें बैंकिंग चैनल का भी इस्तेमाल हुआ है जिसकी जांच चल रही है। साथ ही नोटबंदी के बाद विदेशी मुद्रा विनिमय की पड़ताल भी की जा रही है।

सबको अपनी बेगुनाही साबित करने का मौका मिलेगा

सूत्रों ने बताया कि डोजियर में आए जितने नाम हैं सबको अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करने का मौका मिलेगा। ईडी मौजूद सुबूतों के आधार पर अपना पक्ष मजबूत कर रही है।

केंद्र सरकार के काले धन के खिलाफ इसे बड़ी मुहीम माना जा रहा है। उधर सीबीआई ने भी नोटबंदी के बाद काले धन की हेराफेरी के मामले में अबतक 77 एफआईआर दर्ज की है।

इनमें 180 सरकारी कर्मचारियों समेत 307 लोगों के खिलाफ जांच चल रही है। ईडी सीबीआई के इन केसों से जुड़े फेरा और फेमा संबंधी अपराधों की अलग से जांच करेगा।

कार्रवाई पर मंत्री रिजीजू बोले

यही वजह है कि विपक्षी दलों ने नोटबंदी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। उन्हें मालूम है कि सरकार की विभिन्न एजेंसियां काले धन के खिलाफ काम कर रही है। इसलिए विपक्ष का शोर मचाना स्वभाविक है। उन्हे मालूम है कि आज नहीं तो कल सच सामने आ जाएगा।

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