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बजट सत्र 2018: इस बार तीन तलाक बिल होगा पास, कांग्रेस को लगेगा झटका

संसद का बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में अप्रैल महीने में 55 सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है।

बजट सत्र 2018: इस बार तीन तलाक बिल होगा पास, कांग्रेस को लगेगा झटका

संसद का बजट सत्र इस बार 29 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। पहली बार 1 फरवरी को सरकार बजट पेश होगा। पहला भाग 29 जनवरी से शुरू होकर 9 फरवरी तक चलेगा वहीं दूसरा भाग 5 मार्च से शुरू होकर 6 अप्रैल तक चलेगा।

इस दौरान राज्यसभा में अप्रैल महीने में 55 सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। जिसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है और कांग्रेस को झटका लग सकता है।

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राजनीति विशेषज्ञों के मुताबिक, अप्रैल में बीजेपी के 23, कांग्रेस के 8 और अन्य दलों के 21 सदस्य जीतकर आ सकते हैं। इस वक्त राज्यसभा में वर्तमान संख्या बल पर नजर डाली जाए तो बीजेपी के 58 और कांग्रेस के 57 सदस्य हैं।

अप्रैल में वर्तमान 55 सदस्यों की जगह नए या पुर्निनर्वाचित सदस्यों के आगमन के बाद भाजपा सदस्यों की संख्या 64 और कांग्रेस की 53 हो सकती है।

राज्यसभा में वर्तमान स्थिति

कांग्रेस और भाजपा दोनों की संख्या बराबर है। लेकिन कांग्रेस को अन्य छोटे दलों का समर्थन मिल सकता है जिनकी संख्या करीब 72 है। वहीं भाजपा के पास अपने अलावा सहयोगी दलों के सिर्फ 20 सांसदों का समर्थन है।

ऐसा होगा नया कानून

सरकार ‘द मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स इन मैरिज एक्ट’ नाम से इस विधेयक को ला रही है। ये कानून सिर्फ तीन तलाक पर ही लागू होगा। इस कानून के बाद कोई भी मुस्लिम पति अगर पत्नी को तीन तलाक देगा तो वो गैर-कानूनी होगा।

इस कानून के अनुसार, तलाक वह चाहें मौखिक हो, लिखित और या मैसेज में, वह अवैध होगा। तलाक देने वाले पति को 3 साल की सजा और जुर्माना हो सकता है। ये गैर जमानती अपराध होगा। इसे मजिस्ट्रेट तय करेगा कि कितना जुर्माना होगा। पीड़ित महिला मजिस्ट्रेट के सामने बच्चों के गुजारे भत्ते का मुद्दा रख सकती है।

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यह प्रस्तावित कानून जम्मू-कश्मीर को छोड़कर पूरे देश में लागू होगा है। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक पर कानून बनाने के लिए एक मंत्री समूह बनाया था, जिसमें राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, रविशंकर प्रसाद, पीपी चौधरी और जितेंद्र सिंह शामिल थे।

नए कानून में 3 साल की कैद, जुर्माना भी

केंद्रीय कैबिनेट ने 15 दिसंबर को मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज बिल को मंजूरी दे दी। इस बिल के तहत यदि पति, पत्नी को एक बार में तीन तलाक देता है तो उसे जेल हो सकती है। जमानत भी नहीं मिल सकेगी। इसके अलावा पत्नी और बच्चों के लिए हर्जाना भी देना पड़ेगा।

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