Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

तीन तलाक: इन पञ्च परमेश्वरों ने सुनाया फैसला, जानिए इनकी पूरी कहानी

जस्टिस कुरियन का जन्म 30 नवंबर 1953 में केरल में हुआ था। इन्होंने केरल लॉ एकेडमी लॉ कॉलेज से तिरुवनंतपुरम से क़ानून की पढ़ाई की थी। 1977-78 में वो केरल यूनिवर्सिटी में एकेडमिक काउंसिल के सदस्य बने। 1983-85 तक कोच्चि यूनिवर्सिटी के सीनेट मेंबर रहे।

1979 से केरल हाई कोर्ट से वक़ालत शुरू करने वाले कुरियन 1987 में सरकारी वक़ील बने और 1994-96 तक एडिशनल जनरल एकवोकेट रहे। 1996 में वो सीनियर वक़ील बने और 12 जुलाई 2000 को केरल हाई कोर्ट में जज बने।

2006 से 2008 के बीच वो केरल न्यायिक अकादमी के अध्यक्ष रहे। 2008 में वो लक्षद्वीप लीगल सर्विस अथॉरिटी के अध्यक्ष बने। इसके बाद वो 2006 से 2009 तक केरल हाई कोर्ट लीगल सर्विस कमेटी के अध्यक्ष रहे।

जस्टिस कुरियन दो बार केरल हाई कोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायधीश भी रहे। इसके बाद वह आठ फ़रवरी, 2010 से 7 मार्च, 2013 तक हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के वो मुख्य न्यायधीश रहे। आठ मार्च, 2013 को जस्टिस कुरियन सुप्रीम कोर्ट में जज बने। वह 29 नवंबर, 2018 को रिटायर होंगे।

Next Story
Top