Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

ट्रिपल तलाकः सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यह गंभीर मसला है, इसे सुने जाने की जरूरत

ट्रिपल तलाक को लेकर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुकी है।

ट्रिपल तलाकः सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यह गंभीर मसला है, इसे सुने जाने की जरूरत
नई दिल्ली. पिछले कुछ सालों से विरोध के केंद्र में रहे ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ट्रिपल तलाक मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है और इसे सुने जाने की जरूरत है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पार्टियों को अपना पक्ष लिखित में अटार्नी जनरल के पास 30 मार्च तक जमा कराने को कहा है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मुद्दे तय करने थे कि आगे सुनवाई किस आधार पर होगी। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी पक्षों को आपसी सहमति के साथ तैयार होकर आने को कहा था।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 फरवरी मंगलवार को हुए सुनवाई में सभी पक्षों को आदेश दे चुका है कि ट्रिपल तलाक पर आपसी सहमति बनाकर ही कोर्ट में पेश हो। उन्होंने कहा था कि गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही 11 मई से ट्रिपल तलाक पर नियमित सुनवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से कहा था कि वे बहस के लिए तीन वकीलों का चयन कर लें। साथ ही कोर्ट ने सभी पक्षों को फटकारते हुए कहा था कि अगर कोर्ट व्यक्तिगत शिकायतों पर गौर करना शुरू करें तो ट्रिपल तलाक पर सुनवाई पूरी नहीं हो पाएगी।
इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर कहा था कि ट्रिपल तलाक, निकाह और मर्दों को 4 शादी करने की इजाजत भारतीय संविधान नहीं देती है और ये मुस्लिम महिलाओं के मान सम्मान के खिलाफ है। इस के जवाब में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कोर्ट से कहा था कि सामाजिक सुधार के नाम पर पर्सनल लॉ को दोबार नहीं लिखा जा सकता है और ना ही ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट को दखल देने का अधिकार है।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top