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''तीन तलाक'' के विरोध में महिला ने जज को लिखा खून भरा खत

शबाना ने तीन तलाक के लिए नए कानून की मांग की है।

इंदौर. तीन तलाक के मामले में मध्य प्रदेश की एक महिला ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर को खून से पत्र लिखकर इंसाफ की गुहार लगाई है। महिला ने चिट्ठी में शर्त रखी है कि या तो उसे इंसाफ दिया जाए या मरने की इजाजत दी जाए। महिला की 4 साल की एक बेटी भी है।
इंदौर के देवास की रहने वाली शबाना नाम की महिला का आरोप है कि उसके पति ने उसे दहेज़ के लिए प्रताड़ित किया और बाद में उसे तीन बार तलाक, तलाक तलाक कहकर घर से निकाल दिया और दूसरी शादी कर ली। महिला का कहना है कि पति ने दहेज़ के लिए उसे और उसकी 4 साल की बेटी को बेघर कर दिया।
इस मामले में शबाना ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर को खून से चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में शबाना ने बताया कि, नर्सिंग का कोर्स करने के बाद वह नौकरी करना चाहती है लेकिन उसका पति चाहता था कि वह खेतों में काम करे। मना करने पर मारपीट करता था और दहेज के लिए भी प्रताड़ित भी किया। उसकी शादी हाटपिपलिया के रहने वाले टीपू से 25 मई, 2011 को मुस्लिम रीति-रिवाज के साथ हुई थी। उन दोनों की एक चार साल की बेटी भी है। हालांकि टीपू ने उसे तीन बार तलाक का नोटिस भेजकर 16 नवंबर, 2016 को दूसरी शादी कर ली।
तीन तलाक से बर्बाद हुई दो जिंदगियां-
शबाना का कहना है कि, पति ने दहेज़ के लिए उसे प्रताड़ित किया। फिर मैखिक रूप से तलाक देकर दूसरी शादी कर ली। दूसरी के बाद पति ने उसे और उसकी बेटी को घर से निकाल दिया। वह इस इंसाफ के लिए भटक रही हैं।
शबाना ने की नए कानून की मांग-
शबाना ने सीजेआई को लिखी चिट्ठी में ऐसे कानून को खत्म करने की मांग की है, जिससे उसकी और उनकी चार साल की बेटी की जिंदगी बर्बाद होती है। शबाना ने बताया कि उसके पति ने तीन बार तलाक-तलाक कहकर तलाक दे दिया और मुझे और मेरी बच्ची को छोड़ दिया। महिला ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखे अपने पत्र में कहा कि मैं तीन तलाक के सख्त खिलाफ हूं, अब मुझे देश का जो कानून हैं, जो सबके लिए समान है, इस कानून के तहत न्याय मिले। ऐसे पर्सनल लॉ को मैं नहीं मानती, जिससे मेरी और मेरी बेटी का भविष्य खराब हो गया। मुझे अपने देश के कानून पर पूरा विश्वास है, कि मुझे और मेरी जैसी और कई बहन-बेटियों को न्याय मिले। यह मेरी लड़ाई और मेरी बच्ची और ऐसे कई बच्चों की हैं, जिन्हें इस तरह से छोड़ दिया जाता हैं।
पति ने शबाना के आरोपो को बताया बेबुनियाद-
उधर महिला के पति टीपू शाह ने शबाना के आरोपो को बेबुनियाद बताया है। वह हमेशा नौकरी करने की बात करती थी पर यह तो फैमिली ही तय करेगी कि महिला को बाहर नौकरी कराना है या नहीं। उसने यह भी कहा कि शबाना से उसने इस्लामिक रीति-रिवाजों से तलाक लिया है।
ट्रिपल तलाक का देश भर में हुआ विरोध-
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से महिलाएं ट्रिपल तलाक का विरोध कर रही हैं। गाजियाबाद की एक मुस्लिम महिला ने ट्रिपल तलाक के चलते हिंदू धर्म अपनाने का फैसला किया था। महिला ने बताया कि, उसका पति ट्रिपल तलाक के बाद उसे वेश्यावृत्ति के लिए दबाव डाल रहा था। उसके पति ने उसे तलाक दे दिया था। बाद में निकाह हलाला के तहत उसने अपने दोस्त के पास भेजा था।
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