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तीन तलाक पर संसद में घमासान, जेटली ने कांग्रेस के लिए कही ये बड़ी बात

विपक्ष के हंगामे के बीच बुधवार को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक पर विधेयक राज्यसभा में पेश किया।

तीन तलाक पर संसद में घमासान, जेटली ने कांग्रेस के लिए कही ये बड़ी बात

विपक्ष के हंगामे के बीच बुधवार को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक पर विधेयक राज्यसभा में पेश किया। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक समाज में अभी भी जारी है। वहीं कांग्रेस और विपक्ष ने जमकर हंगामा किया।

कांग्रेस ने बिल को सिलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की। इस पर अरुण जेटली ने कहा, जिस बिल को लोकसभा में समर्थन मिला, उसका राज्यसभा में विरोध हो रहा है। पूरा देश इस बात को देख रहा है।

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जेटली ने आगे कहा कि लोकसभा में कांग्रेस साथ थी तो यहां विरोध क्यों कर रही है। मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) बिल 2017, को लोकसभा पिछले हफ्ते ही पास कर चुकी है। वहीं सदन में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि दलितों का महराष्ट्र में जो हाल हुआ है हम उसका विरोध कर रहे हैं। यह तीन तलाक बिल का विरोध नहीं है।

विपक्ष ने इस बिल में दो संशोधनों का प्रस्ताव रखा है। जिसे केंद्र सरकार ने नकार दिया है। विपक्ष के संशोधन प्रस्ताव पर सदन के नेता अरुण जेटली ने गंभीर आपत्ति जताई और कहा कि वह इस बात से काफी हैरान हैं कि प्रस्ताव अचानक पेश किया गया, नियमानुसार कम से कम एक दिन पहले नहीं।

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राज्यसभा में सदन के नेता अरुण जेटली ने कहा, यह विधेयक दो-तीन पहले ही वितरित कर दिया गया था। संशोधन के लिए विचार का नोटिस कम से कम एक दिन पहले दिया जाना चाहिए, लेकिन यह प्रस्ताव एक दिन पहले नहीं दिया गया।

राज्यसभा में क्या हुआ?

जेटली ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की बेंच ने 3:2 से दिए अपने फैसले में 6 महीने में तीन तलाक पर कानून बनाने को कहा था। लिहाजा सरकार जल्दी में इस बिल को संसद में लेकर आई।

राज्यसभा में डिप्टी लीडर ऑफ अपोजिशन आनंद शर्मा ने कहा कि संसद में सिलेक्ट कमेटी और स्टेंडिंग कमेटी की व्यवस्था है, लिहाजा विधायिका की ये जिम्मेदारी है कि वह बिल को स्क्रूटिनी के लिए भेजे।

सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि राज्यसभा के नियमों में बिलों को सिलेक्ट कमेटी में भेजने का प्रावधान है।

पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने उपसभापति पीजे कुरियन से अपील की कि वे बिल को सिलेक्ट कमेटी को भेजने की व्यवस्था दें। इस दौरान पूरे समय राज्यसभा में हंगामा होता रहा। हंगामा नहीं थमने पर कार्यवाही को गुरुवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया।

सरकार ने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा-हम ट्रिपल तलाक बिल पर कांग्रेस और बाकी दूसरी पार्टियों से बातचीत कर रहे हैं। उम्मीद करते हैं कि राज्यसभा में इसे पास कराने में दिक्कत नहीं होगी।

सीपीआई और डीएमके का रुख एक जैसा

सीपीआई सांसद डी. राजा ने कहा- यह आज के लिए लिस्टेड था। जहां तक लेफ्ट पार्टियों का संबंध है, हमारी मांग है कि इसे स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए। डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा- इसे सिलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए।

शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने भी बिल को राज्यसभा की सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की है। पार्टी सांसद माजिद मेमन ने यह मांग रखी।

कांग्रेस कन्फ्यूज है: नकवी

यूनियन मिनिस्टर मुख्तार अब्बास नकवी ने ट्रिपल तलाक बिल के मसले पर कहा कि कांग्रेस इसे लेकर कन्फ्यूज है। नकवी ने कहा- मुस्लिम महिलाएं इस बिल को लेकर खुश हैं तो फिर कांग्रेस दुखी क्यों है? कांग्रेस एक कदम आगे जाती और फिर 10 कदम पीछे हट जाती है।

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