Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

तीन तलाक: लोकसभा में ऐतिहासिक बिल हुआ पास, ओवैसी के सभी प्रस्ताव खारिज

लोकसभा ने गुरुवार को लंबी बहस और संशोधन प्रस्ताव के बाद ऐतिहासिक मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक-2017 पास कर दिया है।

तीन तलाक: लोकसभा में ऐतिहासिक बिल हुआ पास, ओवैसी के सभी प्रस्ताव खारिज
X

लोकसभा ने गुरुवार को लंबी बहस और संशोधन प्रस्ताव के बाद ऐतिहासिक मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक-2017 पास कर दिया है। लोकसभा में यह विधेयक पास होते ही केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपनी मेज थपथपाकर खुशी जाहिर की।

लोकसभा में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। मुस्लिम महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए सरकार इसे लाई है।

हालांकि राजद और बीजद समेत कई विपक्षी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया। विपक्षी पार्टियों ने विधेयक में सजा के प्रावधान को गलत बताया है। लोकसभा में इस मुद्दे पर लंबी बहस हुई।

यह भी पढ़ें- New Year 2018: सरकार सुधारेगी बैंकों की हालत, बनाया ये बड़ा प्लान

आखिर में केंद्रीय मंत्री ने सदन में विधेयक पर उठाए गए सवालों पर जवाब दिया। इसके बाद संशोधन प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। वोटिंग के दौरान मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक-2017 पर पेश किए गए सभी संशोधन प्रस्ताव खारिज हो गए।

इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने विधेकय के पास होने की घोषणा कर दी। इस दौरान कांग्रेस ने कहा कि सिर्फ मोदी सरकार ही इस विधेयक को पास कराने का श्रेय नहीं ले सकती है। कांग्रेस समेत किसी भी विपक्षी दल ने इसका विरोध नहीं किया। कांग्रेस ने सिर्फ स्थायी समिति के पास भेजने की बात कही थी।

संशोधन प्रस्ताव खारिज

विधेयक में संशोधन को लेकर विपक्ष के कई प्रस्ताव खारिज हो गए। एमआईएम के सांसद असद्दुदीन ओवैसी का प्रस्ताव 2 वोटों के मुकाबले 241 मतों के भारी अंतर से खारिज कर दिया गया, जबकि 4 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

यह भी पढ़ें- खुशखबरी: मोदी सरकार का नए साल पर बड़ा तोहफा, एक लीटर पेट्रोल मिलेगा सिर्फ 45 रुपये में!

ओवैसी के अलावा बीजेडी के भर्तुहरी माहताब, कांग्रेस की सुष्मिता देव और सीपीआईएम के ए संपथ ने फभी संशोधन प्रस्ताव पेश किया था। ये सारे संशोधन प्रस्ताव बहुमत से खारिज कर दिए गए।

अब आगे क्या

लोकसभा में पारित होने के बाद यह विधेयक अब राज्यसभा में मंजूरी के लिए जाएगा। उच्च सदन से मंजूरी मिलने के बाद इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह विधेयक देश में कानून के तौर पर लागू हो जाएगा।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story