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तीन तलाक बिल / जानें राज्यसभा में 25 मिनट की कार्यवाही के बीच किसने क्या कहा

केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा में तीन तलाक बिल पेश करने से पहले विपक्षी दलों ने सोमवार को एक बैठक की और बिल को आगे विचार विमर्श के लिए प्रवर समिति को सौंपने की मांग पर फैसला लिया गया।

तीन तलाक बिल / जानें राज्यसभा में 25 मिनट की कार्यवाही के बीच किसने क्या कहा
केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा (Rajya Sabha) में तीन तलाक बिल (Triple Talaq Bill) पेश करने से पहले विपक्षी दलों ने सोमवार को एक बैठक की और बिल को आगे विचार विमर्श के लिए प्रवर समिति को सौंपने की मांग पर फैसला लिया गया। इसी दौरान राज्यसभा में हंगामा और विरोध तेज होगया। जिसके बाद सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया।

कांग्रेस समेत अन्य दलों ने की ये मांग

कांग्रेस ने संयुक्त प्रवर समिति में भेजने की मांग करते हुए कहा कि इससे बहुत सारे लोगों का जीवन प्रभावित होगा। हालांकि सरकार की ओर से कहा गया कि मुस्लिम महिलाओं के अधिकार से जुड़े इस विधेयक को विपक्ष जानबूझ कर लटकाना चाहता है।

30 मिनट में दो बार स्थगित हुई राज्यसभा

उच्च सदन में एक बार के अवकाश के बाद दोपहर दो बजे जब बैठक फिर शुरू हुई तो मुस्लिम महिला विवाह अधिकार सरंक्षण विधेयक 2018 को जब चर्चा के लिए लाया गया। तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि अधिकतर विपक्षी दल के सदस्य जब इस विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजना चाहते हैं तो इसे सरकार प्रवर समिति के पास क्यों नहीं भेज रही है।

उप सभापति ने की सांसदों से ये मांग

डेरेक ने उप सभापति हरिवंश से कहा कि इस विधेयक पर चर्चा कराने से पहले सदन में सामान्य स्थिति बहाल की जानी चाहिए। इस बीच द्रमुक एवं अन्नाद्रमुक के सदस्य आसन के समक्ष आकर कावेरी नदी पर बांध बनाने के मुद्दे पर नारेबाजी करने लगे।

राज्यसभा में बोले गुलाम नबी आजाद

हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह एक ऐसा विधेयक है जो बहुत से लोगों के जीवन को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि इस लिए जरूरी है कि इस विधेयक को संयुक्त प्रवर समिति में भेजकर इस पर विस्तार से चर्चा करे।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह संसदीय परंपराओं की अनदेखी कर अधिकतर विधेयकों को स्थायी या प्रवर समिति में भेजे बिना इन्हें सीधे संसद में पारित करवाना चाहती है।

भाजपा सांसद विजय गोयल ने की ये मांग

आजाद ने कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के विवाह से जुड़ा एक अति महत्वपूर्ण विधेयक है और इसे प्रवर समिति में भेज कर इस पर चर्चा करवाया जाना आवश्यक है। इसके बाद संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल ने कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा अति महत्वपूर्ण विधेयक है तथा कांग्रेस इस विधेयक को जान बूझकर अटकाना चाहती है। इसीलिए वह इसे प्रवर समिति में भेजने की मांग कर रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसा क्या हो गया कि जब लोकसभा में कांग्रेस ने इस विधेयक का समर्थन किया था तो वह अब इसको पारित नहीं करवाने दे रही है। उन्होंने विपक्ष पर इस विधेयक पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर सदन में कोई सहमति बनने न देख उपसभापति ने दोपहर दो बजकर करीब दस मिनट पर बैठक को पन्द्रह मिनट के लिए स्थगित कर दिया। तीन तलाक संबंधी विधेयक लोकसभा में गत बृहस्पतिवार को पारित हुआ था।
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