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आदिवासी नेताओं का दावा, राहुल लेंगे बड़ा फैसला

आदिवासी नेताओं ने जहां अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में आदिवासी महासचिव बनाने की मांग रखी है।

आदिवासी नेताओं का दावा, राहुल लेंगे बड़ा फैसला

कांग्रेस की अंदरूनी उठापटक के बीच आदिवासी विधायकों और पदाधिकारियों से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मुलाकात ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष से मुलाकात के दौरान आदिवासी नेताओं ने जहां अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में आदिवासी महासचिव बनाने की मांग रखी है, वहीं छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बहुल राज्य में किसी ट्राइबल चेहरे को आगे करने की भी मांग है।

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हरिभूमि से चर्चा में राहुल गांधी से मुलाकात कर लौटे एक वरिष्ठ आदिवासी विधायक ने नाम न छापने की शर्त पर दावा किया कि 10 जून से पहले इस मुद्दे पर बड़ा फैसला हो सकता है।

फैसला कार्यकारी अध्यक्ष के पद से जुड़ा है या संगठन में किसी नेता को पूरी तरह कमान देने का, इस पर अभी सस्पेंस बरकरार है। आदिवासी नेताओं के अनुसार कांग्रेस उपाध्यक्ष ने उन्हें यह भरोसा दिलाया है कि वे आदिवासी हितों की अनदेखी नहीं होने देंगे।

कांग्रेस उपाध्यक्ष द्वारा बुलाए गए सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के लगभग आधा दर्जन आदिवासी विधायक शामिल रहे। इनमें दो वरिष्ठ विधायकों की राहुल गांधी से वन टू वन चर्चा हुई।

विधायकों का कहना है, चर्चा के दौरान ट्राइबल्स के हितों से जुड़े और भी कई मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें वन अधिकार पट्टों के मामले में बड़े आंदोलन, संगठन में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने समेत कई विषय शामिल हैं।

ओबीसी के बाद आदिवासी को मौका

बैठक में मौजूद विधायकों ने मजबूती के साथ इस बात को रखा है कि छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल प्रदेश है। यहां लंबे समय तक कांग्रेस ने ओबीसी और जनरल चेहरों पर दांव लगाया।

इसके बावजूद कुछ हासिल नहीं हो सका। अब प्रदेश में किसी आदिवासी चेहरे को आगे किया जाना चाहिए। इसके लिए कांग्रेसियों ने भाजपा का उदाहरण भी दिया।

रामविचार नेताम और रामसेवक पैकरा को जिस तरह हारने के बावजूद अहम जिम्मेदारी दी गई, उसी तरह कांग्रेस में भी आदिवासी नेताओं को आगे किया जाना चाहिए।

ये हुए थे शामिल

कांग्रेस उपाध्यक्ष के साथ बैठक के दौरान विधायक कवासी लखमा, मनोज मंडावी, मोहन मरकाम, रामदयाल उईके, दीपक बैज, अनिला भेड़िया, तेजकुंवर नेताम, शिशुपाल सोरी समेत प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक नेता शामिल हुए थे। कांग्रेस उपाध्यक्ष की इनमें दो नेताओं से वन टू वन चर्चा भी हुई।

आदिवासी महासचिव

विधायक मनोज मंडावी ने कहा कि राहुल गांधीजी से चर्चा के दौरान आदिवासियों के कांग्रेस से जुड़ाव को लेकर लंबी चर्चा हुई। नेताओं ने उन्हें एआईसीसी में आदिवासी को महासचिव बनाने की मांग की है। आदिवासियों के सम्मेलन और वन अधिकार पट्टे के क्रियान्वयन में लापरवाही के खिलाफ आंदोलन पर भी चर्चा की गई।

कई मुद्दों पर चर्चा

विधायक रामदयाल उईके कांग्रेस उपाध्यक्ष के साथ बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के सथ आए दिन निर्भया जैसे कांड हो रहे हैं। अत्याचार की वजह से 900 से अधिक गांव खाली पड़े हैं। इन मुद्दों पर बड़े आंदोलन का आग्रह किया है। कांग्रेस में हर स्तर पर महत्व देने की भी बात कही गई है।

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