Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

इस वजह से की गई है देशभर में महा-हड़ताल

ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और टेलीकॉंम जैसी जरूरी सेवाएं बंद

इस वजह से की गई है देशभर में महा-हड़ताल
नई दिल्ली. सरकार की भरपूर कोशिशों के बावजूद ट्रेड यूनियनों ने 2 सितंबर यानि आज से हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। शुक्रवार से ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और टेलीकॉंम जैसी जरूरी सेवाएं बंद हैं। जिससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आल इंडिया ट्रेड यूनियंस कांग्रेस और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस जैसे संगठनों ने हड़ताल नहीं करने की सरकार की ओर से मंगलवार की अपील को ठुकरा दिया था। इन संगठनों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने में नाकाम रही है।
एनबीटी के मुताबिक, ट्रेड यूनियनों ने आरोप लगाया है कि बोर्ड मीटिंग में ऐसे किसी प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हुई। बोर्ड के सदस्य कश्मीर सिहं ठाकुर ने श्रम मंत्री दत्तात्रेय को पत्र लिखकर कहा कि उस दिन बैठक में न्यूनतम भत्ता 350 रुपए करने के प्रस्ताव का जिक्र कभी नहीं हुआ। ठाकुर ने दावा किया कि श्रमिकों से जु़ड़ी सभी प्रतिनिधि बोर्ड की मीटिंग में मौजूद थे। सभी ने 18 हजार रुपए मासिक न्यूनतम भत्ते यानी किए जाने पर जोर दिया था। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि सरकार ने इस मामले में हाथ की सफाई दिखाई। यूनियनों ने सरकार से इस मामले में भूल सुधार का ऐलान करने की मांग की है।
बता दें कि यही विवाद का केंद्र बिंदु है और इसकी वजह से ही हड़ताल के समर्थन में काफी लोग हैं। न्यूनतम भत्ते पर दो विरोधभासी प्रस्तावों का आधार क्या है? सरकार ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है कि उन्होंने 350 रुपए प्रतिदिन का आंकड़ा कैसे चुना।
वहीं, ट्रेड यूनियनों का कहना है कि उनका प्रस्ताव न्यूनतम भत्ते का आकलन करने के लिए अपनाए गए मानक तरीके पर आधारित है, जिसे इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस ने मंजूरी दी है। इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस में नौकरी देने वालों, ट्रेड यूनियंस से लेकर सरकार तक के प्रतिनिधि होते हैं। इन मानक तरीके को सातवें वेतन आयोग ने भी अपनाया। आयोग ने हाल ही में सरकारी कर्मचारियों के वेतन इजाफे की सिफारिशों से जुड़ी रिपोर्ट जारी की थी।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top