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देशभर में देखा गया हड़ताल का व्यापक असर, ये सेवाएं रहीं प्रभावित

केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 8 और 9 जनवरी दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया। हड़ताल का असर मंगलवार को देशभर में देखा गया है।

देशभर में देखा गया हड़ताल का व्यापक असर, ये सेवाएं रहीं प्रभावित

केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 8 और 9 जनवरी दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया। हड़ताल का असर मंगलवार को देशभर में देखा गया है।

यूनियनों की हड़ताल की वजह से औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज नहीं हुआ है। साथ ही खनन, बिजली, शिक्षा, बैंकिंग, बीमा, परिवहन और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित रहीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हड़ताल की वजह से बैंकिंग, सड़क परिवहन, दूरसंचार, विनिमार्ण, इस्पात, स्वास्थ्य, बीमा, कोयला एवं अन्य खनन, पेट्रोलियम, डाक, इंजीनियरिंग, रक्षा, शिक्षा, जल प्रबंधन, केंद्र एवं राज्य सरकार कर्मचारी और ऑटो-टैक्सी से जुड़े क्षेत्रों में हड़ताल का असर रहा है।

बता दें कि इस हड़ताल में इंटक (INTUC), सेवा (SEWA), एचएमएस (HMS), सीटू (CITU), एआईसीसीटीयू (AICCTU), एटक (AITUC), टीयूसीसी (TUCC), एआईयूटीयूसी (AIUTUC), एलपीएफ (LPF) और यूटीयूसी (UTUC ) से जुड़े संगठन शामिल हैं। इ, हड़ताल में भाजपा समर्थित भारतीय मजदूर संघ शामिल नहीं है।

हड़ताल के दौरान पश्चिम बंगाल में तोड़फोड़

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के द्वारा दो दिन की देशव्यापी हड़ताल के दौरान 8 जनवरी यानी मंगलवार को पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में घटनाएं हुईं हैं। उत्तर 24 परगना जिले में स्कूल बस पर पथराव किया गया, और हड़ताल समर्थकों ने सरकारी बस में तोड़फोड़ की।

कई जगाहों पर पीएम मोदी के पुलतले फूंके गए। टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) के कार्यकर्ताओं और हड़ताल समर्थकों के बीच झड़पें हुईं। राज्य में कई क्षेत्रों में बस चालकों ने उपद्रवियों से बचने के हेलमेट लगाकर बसें चलाईं।

केरल में ट्रेनों को रोका गया

वहीं केरल में देशव्यापी हड़ताल के दौरान तिरुवनंतपुरम, त्रिपुनिथुरा और शोरनुर रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों को रोका गया। सकड़ों पर बसें एवं ऑटो रिक्शा नहीं होने की वजह से सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।

कर्नाटक राज्य में भी हड़ताल का असर देखने को मिला। यहां पर भी सरकारी बसें नहीं चलने की वजह से सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। लोगों की परेशानी से बचने के लिए निजी बसों, ऑटो, टैक्सी और मेट्रो का इस्तेमाल करना पड़ा। कई जगहों पर स्कूल और कॉलेजों की छुट्टी कर दी गई और परीक्षाएं भी रद्द कर दी गईं।

आज भी देखा जा सकता है असर

केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 8 और 9 जनवरी दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों समर्थक आज भी हड़ताल पर रहेंगे। आज भी बैंकिंग, सड़क परिवहन, दूरसंचार, विनिमार्ण, इस्पात, स्वास्थ्य, बीमा, कोयला एवं अन्य खनन, पेट्रोलियम, डाक, इंजीनियरिंग, रक्षा, शिक्षा, जल प्रबंधन, केंद्र एवं राज्य सरकार कर्मचारी और ऑटो-टैक्सी से जुड़े क्षेत्रों में हड़ताल का असर देखा जा सकता है।

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