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Trade Union Strike Action : ट्रेड यूनियन की हड़ताल का प्रभाव, भारत बंद

देश के 10 प्रमुख श्रमिक संगठन सरकार के एक तरफा श्रम सुधार और श्रमिक-विरोधी नीतियों के विरोध में मंगलवार से दो दिन की देशव्यापी हड़ताल पर हैं।

Trade Union Strike Action : ट्रेड यूनियन की हड़ताल का प्रभाव, भारत बंद
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Trade Union Strike Action

देश (India) के 10 प्रमुख श्रमिक संगठन (Labor organization) सरकार के एक तरफा श्रम सुधार और श्रमिक-विरोधी नीतियों के विरोध में मंगलवार से दो दिन की देशव्यापी हड़ताल (Bharat Bandh) पर हैं। एटक की महासचिव अमरजीत कौर के मुताबिक हड़ताल के लिए 10 केंद्रीय श्रमिक संघों (Trade Union) ने हाथ मिलाया है। बताया जा रहा है कि इस बार हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियों की संख्या करीब 20 करोड़ हो सकती है। देश में कई जगाहों पर सुबह से ही भारत बंद का असर (Strike Action) देखने को मिलने लगा है। श्रमिक बंद के समर्थन में जुलूस निकाल रहे हैं। साथ ही कर्मचारियों से इस हड़ताल को सफल बनाने की भी अपील कर रहे है।

खबरों के मुताबिक इस हड़ताल में दूरसंचार, बैंकिंग, कोयला, स्वास्थ्य, शिक्षा, इस्पात, बिजली, बीमा और परिवहन क्षेत्र के लोग शामिल हो सकते हैं। यूनियंस ने 7 जनवरी 2019 को जारी बयान में कहा कि केंद्र सरकार कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही है। केंद्र ने बातचीत करने से भी इनकार कर दिया है।

बीते तीन साल से भारतीय श्रम कॉन्फ्रेंस का आयोजन नहीं किया गया है। इसके बजाय सरकार के कर्मचारियों के रोजगार और जीवन पर हमले जारी हैं। अमरजीत कौर ने यह भी कहा कि सरकार रोजगार देने में असफल रही है और यूनियंस की मांगों को नजरअंदाज कर रही है। ट्रेड यूनियंस की मांगों को पूरा तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

हड़ताल में शामिल

इस हड़ताल में इंटक (INTUC), सेवा (SEWA), एचएमएस (HMS), सीटू (CITU), एआईसीसीटीयू (AICCTU), एटक (AITUC), टीयूसीसी (TUCC), एआईयूटीयूसी (AIUTUC), एलपीएफ (LPF) और यूटीयूसी (UTUC ) शामिल हो रहे हैं। हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित भारतीय मजदूर संघ ने हड़ताल से बाहर रहने का फैसला लिया है।

ट्रेड यूनियन हड़ताल का प्रभाव

ट्रेड यूनियन हड़ताल के दौरान बैंक, बीमा, डाक, परिवहन, बाजार, टेलीकॉम, रेलवे, पोस्टल, मेडिकल, खनन उद्योग तथा कुछ अन्य क्षेत्रों पर प्रभाव देखने को मिलेगा। जिस कारण लोगों की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक हड़ताल को दो बैंक यूनियंस (IDBI बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा) का भी समर्थन मिला है। ज्यादा से ज्यादा डिजिटल लेनदेन के जरिए आप कैश की कमी से होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं।

श्रमिक संगठन की मांगे

* कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18000 रुपये किए जाए

* हर एक जरूरतमंद कर्मचारी को 3000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाए

* सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए

* टैक्सटाइल व पावरलूम कर्मचारियों के वेतनों व रेटों में 20 प्रतिशत वृद्धि की जाए

* ट्रांसपोर्ट, बिजली, बैंक, बीमा, शिक्षा, सेहत व सुरक्षा क्षेत्रों में राज्य सरकारे और केंद्र सरकार रेगुलर भर्ती करें

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