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केरल पहुंचा मानसून, नॉर्थ-ईस्ट में झमाझम बारिश

मोरा चक्रवात के साथ ही भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्‍तक से किसानों और फसलों को फायदा होगा।

केरल पहुंचा मानसून, नॉर्थ-ईस्ट में झमाझम बारिश

गर्मी से झुलस रहे देश के लिए अच्छी खबर है। दक्षिण पश्चिमी मॉनसून ने मंगलवार को केरल और नॉर्थ ईस्ट में दस्तक दे दी। केरल तट के अलावा मणिपुर और अरुणाचल में मॉनसून की पहली फुहारें पड़ीं। आमतौर पर केरल में मॉनसून के पहुंचने के कुछ दिनों बाद नॉर्थ ईस्ट में बारिश शुरू होती है।

हालांकि, इस बार चक्रवाती तूफान मोरा की वजह से नॉर्थईस्ट में मॉनसून जल्दी पहुंच गया। मौसम विभाग ने कहा है कि केरल के अलावा लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकांश हिस्सों में भी मॉनसून अगले 24 घंटों में दस्तक दे सकता है।

इधर, मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि इस चक्रवात से भारत को घबराने की जरूरत नहीं है। यह भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्‍तक है जो किसानों और फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

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भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक डॉक्‍टर के जे रमेश के मुताबिक मोरा चक्रवात भारत में मानसून की शुरुआत है। उन्‍होंने बताया है कि यह आज पश्चिम बंगाल से लेकर केरल तक पहुंच जाएगा।

केरल में भी बारिश का सिलसिला जोर पकड़ चुका है और ऐसा अनुमान है कि यहां पर भी 30 मई को ही मानसून दस्तक दे देगा। इस दौरान भारत के तटीय इलाकों में अच्‍छी बारिश की संभावना है। उन्होंने भारत के तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।

तो वहीं दूसरी तरफ पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के मिजाज भयभीत करने लगा है। देहरादून समेत विभिन्न मैदानी क्षेत्रों में सोमवार सुबह से ही बारिश हो रही है।

वहीं पवर्तीय क्षेत्रों में फिर से बारिश के आसार बने हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, तीन दिन भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं अल्मोड़ा जिले में चौखुटिया तहसील के खीड़ा क्षेत्र में बादल फटने से उफान पर आए बारसाती नालों ने खास नुकसान पहुंचाया है।

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