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सावधान! आपका एटीएम कार्ड भी है खतरे में, ये हैं बचने के टिप्स

देश में साइबर चोरी की घटना से 19 बैंक पहली बार इस तरह के क्राइसिस से गुजर रहे हैं।

सावधान! आपका एटीएम कार्ड भी है खतरे में, ये हैं बचने के टिप्स
नई दिल्ली. भारतीय बैंकिंग क्षेत्र को प्रभावित करने वाली अपनी तरह की सबसे बड़ी डेटा सुरक्षा में सेंधमारी की घटना से सरकारी और निजी क्षेत्र के अनेक बैंकों के 32 लाख से अधिक डेबिट कार्ड प्रभावित होने की आशंका है। हाल ही में भारतीय स्टेट बैंक ने अपने करीब 6 लाख एटीएम कार्ड ब्लॉक कर दिए हैं। भारतीय स्टेट बैंक सहित अनेक बैंकों ने बड़ी संख्या में डेबिट कार्ड वापस मंगवाए हैं, जबकि अनेक अन्य बैंकों ने सुरक्षा सेंध से संभवत: प्रभावित एटीएम कार्डों को ब्लॉक कर दिया है और ग्राहकों से कहा है कि वे इनके इस्तेमाल से पहले पिन अनिवार्य रूप से बदलें।
देश में साइबर चोरी की घटना से 19 बैंक पहली बार इस तरह के क्राइसिस से गुजर रहे हैं जब हैकिंग और डाटा लीक के डर से उन्हें करीब 32 लाख डेबिट कार्ड्स या तो ब्लॉक करने पड़े हैं या फिर उन्होंने ये कार्ड्स रिकॉल कर लिए हैं। डेटा में यह सेंध कुछ एटीएम प्रणालियों में साइबर मालवेयर हमले के रूप में हुई है।
जहां एक ओर भारतीय स्टेट बैंक जल्द ही नए कार्ड जारी करने जा रहा है, वहीं दूसरी ओर अन्य बैंक जल्द ही अपने ग्राहकों को एटीएम पिन बदलने की हिदायत दे सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे अपने एटीएम कार्ड को रखा जाए सुरक्षित, ताकि चोरी न हो सके आपका डेटा।
  • अपने एटीएम कार्ड पर उसके पीछ की तरफ अपने हस्ताक्षर जरूर करें।
  • अपने एटीएम का पिन नंबर एक निर्धारित समय पर बदलते रहें। ऐसा देखा गया है कि लोग कई महीनों, कई बार तो सालों तक अपना एटीएम पिन नहीं बदलते हैं। आपको बता दें ऐसे कार्ड के डेटा चोरी होने का खतरा अधिक रहता है। अपने एटीएम पिन को फौरन बदलें। एसबीआइ के अनुसार ये फ्रॉड पूरी बैंकिंग इंडस्ट्री को चपेट में ले सकता है। ऐसे में आपके लिए जरूरी है कि अपने एटीएम पिन को तुरंत चेंज करें।
  • एटीएम कार्ड या अपना पिन नंबर कभी भी किसी को न बताएं। भले ही कोई बैंक वाला भी आपसे आपका पिन पूछे तो उसे न बताएं। आपको बता दें कि नियमों के मुताबिक कभी भी कोई बैंक अपने ग्राहक से फोन, ईमेल, मैसेज या अन्य किसी भी माध्यम से उसका एटीएम पिन नहीं पूछ सकता।
  • कभी भी अपना एटीएम कार्ड और एटीएम पिन एक साथ न रखें। इसे कभी कार्ड पर न लिखें। कोशिश करें कि आप पिन नंबर को याद रखें, लेकिन कभी भी पिन नंबर अपनी जन्मतिथि से मिलता-जुलता न रखें। ऐसे पिन जल्दी हैक होते हैं।
  • जिस समय आप एटीएम का इस्तेमाल कर रहे हों, उस समय किसी अन्य व्यक्ति को एटीएम केबिन में न आने दें। अगर किसी स्थिति में ऐसा होता भी है और आपको लगता है कि आपका पिन किसी ने देख लिया है, तो जल्द से जल्द उसे बदल दें।
  • जिस समय आप एटीएम का इस्तेमाल कर रहे हों, उस समय एटीएम का कीपैड अपने हाथों से छुपा लें, ताकि कोई ये न देख सके कि आप क्या पिन डाल रहे हैं, ना ही वह आपके पिन नंबर का अंदाजा लगा सके।
  • अपनी ट्रांजैक्शन स्लिप को कभी भी एटीएम के अंदर न फेंकें, क्योंकि उस पर आपकी बहुत सी बैंकिंग डिटेल्स होती हैं। एटीएम में बहुत से लोग आते हैं, ऐसे में अगर वह स्लिप गलत हाथों में पड़ गई तो उसका दुरुपयोग हो सकता है। कोशिश करें कि स्लिप की पूरी तरफ से कई टुकड़ों में फाड़ कर ही फेंकें।
  • एटीएम से कोई भी ट्रांजैक्शन करने के बाद तब तक एटीएम के पास ही रुकें, जब तक कि मशीन दोबारा सो वेलकम वाला मैसेज द देने लगे। दरअसल, कभी-कभी लोग अपनी ट्रांजैक्शन करने के बाद जल्दबाजी में चले जाते हैं, जबकि कई बात मशीन के धीमे काम करने की वजह से उनकी ट्रांजैक्शन प्रक्रिया चल ही रही होती है। ऐसे में अगर आपके बाद कोई गलत व्यक्ति एटीएम में आता है तो वह आपकी एटीएम जानकारियों का दुरुपयोग कर सकता है।
  • अपना कार्ड कभी भी किसी ऐसी दुकान पर स्वाइप ना करें, जो संदिग्ध लगे। हो सकता है उसका कार्ड रीडर सिर्फ आपकी जानकारियां चुराने के लिए लगाया गया हो।
  • जैसे ही आप नया एटीएम कार्ड ले लें तो तुरंत अपना पुराना कार्ड नष्ट कर दें। साथ ही अपना मोबाइल नंबर बैंक अकाउंट के साथ जरूर रजिस्टर कराएं और एसएमएस अलर्ट जारी रखें, ताकि कोई भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन होने पर आपको पता चल जाए।
अगर नुकसान हुआ है तो मिलेगा हर्जाना
आपको बता दें कि अगर आपके साथ भी ऐसा कोई फ्रॉड हुआ है और कहीं से किसी प्रकार की कोई राहत नहीं मिली है, तो आप कानून की मदद ले सकते हैं। साइबर सिक्युरिटी एक्सपर्ट के मुताबिक इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट में एटीएम कार्ड की हैकिंग होने पर कोर्ट से मदद मिलती है। एक्ट के सेक्शन 43 और 66 के अनुसार, आप 5 करोड़ तक का हर्जाना ले सकते हैं और जिस व्यक्ति ने ऐसा किया है उसको तीन साल तक की सजा भी दिलवा सकते हैं।
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