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पीएम मोदी चुने गए ''टाइम पर्सन ऑफ द ईयर''

पीएम मोदी ने ये पोल दुनियाभर के तमाम बड़े-बड़े नेताओं को हराकर अपने नाम किया है

पीएम मोदी चुने गए
लॉस एंजिल्‍स. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिष्ठित में एक और सितारा लग गया है। पीएम मोदी ने टाइम मैगजीन के पर्सन ऑफ द ईयर के ऑनलाइन रीडर्स पोल को अपने नाम कर लिया है। पीएम मोदी ने ये पोल दुनियाभर के तमाम बड़े-बड़े नेताओं को हराकर अपने नाम किया है। मोदी का सामना नेताओ के अलावा दुनिया के मशहूर कलाकारों के साथ भी था। मैगजीन के एडिटर्स की ओर से सात दिसंबर को पर्सन ऑफ द ईयर के नाम का ऐलान किया जाएगा।
ओबामा सहित कई लोगों दी मात
पीएम मोदी को पोल में 18 प्रतिशत वोट्स मिले और यह पोल रविवार को आधी रात से बंद हो गया है। पीएम मोदी ने अपनी करीबी प्रतिद्वंदियों जिसमें अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा, नए राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और विकीलीक्‍स के फाउंडर जूलियन असांजे के अलावा हिलेरी क्लिंटन भी शामिल थीं, उन्‍हें मात दी है।
ओबामा, ट्रंप और असांजे को सात-सात प्रतिशत वोट्स मिले। फेसबुक के को-फाउंडर मार्क जुकेरबर्ग और हिलेरी क्लिंटन को पोल में दो प्रतिशत और चार प्रतिशत वोट्स मिले।
टाइम मैगजीन ने लिखा है कि हाल के कुछ माह में पीएम मोदी को भारतीयों की ओर से नई तरह की रेटिंग्‍स मिल रही है। सितंबर में पहले प्‍यू रिसर्च में यह बात साबित हुई है।
अमेरिकी भारतीय ने किया सबसे ज्यादा पसंद
मैगजीन की ओर से यह भी लिखा है कि हाल ही में पीएम मोदी ने जब 500 रुपए और 1,000 रुपए को बंद करने का ऐलान किया तो नई तरह से उनकी समीक्षा की जाने लगी। उनके इस फैसले से कैश पर आधारित बिजनेस पर तो असर पड़ रहा है साथ ही देश की अर्थव्‍यवस्‍था भी खतरे में आ गई है।
इस पोल के नतीजों का विश्‍लेषण पोल होस्‍ट आपस्‍टर की ओर से किया गया है। इस विश्‍लेषण के मुताबिक अमेरिका और दुनिया के दूसरे हिस्‍सों के बीच लोगों की पसंद में काफी अंतर नजर आया। पीएम मोदी को कैलिफोर्निया और न्‍यू जर्सी में बसे भारतीयों ने खासा पसंद किया।
हर साल चुना जाता किसी को
टाइम मैगजीन की ओर से हर वर्ष, एक वर्ष में सबसे प्रभावशाली हस्तियों को चुना जाता है। 12 माह के अंदर जिस भी व्‍यक्ति लोगों पर कितना असर छोड़ा या उन्‍हें कितना प्रभावित किया उसे पर्सन ऑफ द ईयर के खिताब से नवाजा जाता है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि प्रभाव नकारात्‍मक रहा या सकारात्‍मक। टाइम मैगजीन ओपेनटॉपिक और आइबीएम वॉटसन के साथ मिलकर इस पोल को अंजाम देती है। मैगजीन के एडीटर्स भी इस बात पर नजर रखते हैं कि कौन सा व्‍यक्ति इंटरनेट पर कितना प्रभावी रहा।
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