Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

किसानों के लिए तीन साल का ''मोदी प्लान''

सरकार 15 साल के विजन डॉक्यूमेंट और 7 साल के विकास के मुद्दों पर चर्चा करेगी।

किसानों के लिए तीन साल का

मोदी सरकार देश में विकास की रफ्तार तेज करने का खाका बनाया है। इसे नीति आयोग ने राज्यों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों के साथ चर्चा के बाद तैयार किया है।

इस प्लान को आयोग की गवर्निंग काउंसिल के सामने रविवार को पेश किया जाएगा, जिसके बाद सरकार इस पर अमल शुरू करेगी। यह जानकारी सरकारी अधिकारियों ने दी है।

नीति आयोग के चेयरमैन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। यह मीटिंग दो साल के बाद हो रही है। गवर्निंग काउंसिल की पहली मीटिंग 8 फरवरी 2015 को हुई थी।

इस काउंसिल में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। इसमें सरकार के 15 साल के विजन डॉक्यूमेंट और 7 साल के विकास के मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसे आयोग ने विजन को हासिल करने के लिए बनाया है।

पहले की पंचवर्षीय योजनाएं जेनेरिक होती थीं और उनका दायरा व्यापक होता था। वहीं, तीन साल के एक्शन प्लान में सभी सेक्टर्स में प्राथमिकता पर फोकस होगा और टारगेट हासिल करने की समयसीमा तय की जाएगी।

अधिकारी ने बताया, ‘जमीनी स्तर पर बदलाव के लिए ऐसे ही टारगेटेड अप्रोच की जरूरत है क्योंकि मोदी सरकार अब 2019 लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रही है, जिसमें सिर्फ दो साल का ही समय बचा है।

बताया जा रहा है कि केंद्र ने पंचवर्षीय योजना की नीति 1 अप्रैल से बंद कर दी है, सरकार का पूरा फोकस तीन साल के एक्शन प्लान को लागू करने पर है। जिसमें रोजगार, कृषि आदि अहम मुद्दे रहेंगे।

किसानों के लिए होगा बड़ा फैसला

नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया बैठक में आयोग की ओर से किसानों के लिए उठाए गए कदमों की राज्यों को पिछले दो साल में की गई पहल की जानकारी देंगे।

इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव को लेकर भी बैठक में फैसला हो सकता है, गौरतलब है कि पीएम मोदी लगातार कहते हैं कि वह किसानों की आमदनी दोगुनी करना चाहते हैं। इस मुद्दे पर केंद्र और राज्य एक साथ आकर काम कर सकते हैं।

Next Story
Top