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जानिए क्यों पॉर्न मूवीज को भारत में कहा जाता है ''ब्लू फिल्म'', ये है इसके पीछे के 3 अहम कारण

पॉर्न साइट्स पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक भारतीयों का ही रहता है। लेकिन आज भी भारत में पार्न के बारे में बात करना टैबू है। यहां एडल्ट फिल्मों को ''ब्लू फिल्म'' कहा जाता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों?

जानिए क्यों पॉर्न मूवीज को भारत में कहा जाता है

पॉर्न साइट्स पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक भारतीयों का ही रहता है। लेकिन आज भी भारत में पार्न के बारे में बात करना टैबू है। यहां एडल्ट फिल्मों को 'ब्लू फिल्म' कहा जाता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों?

इसके पीछे तीन कारण हैं। तो आइए जानते है कि भारत में एडल्ट फिल्मों को 'ब्लू फिल्म' क्यों कहते हैं।

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लो टिंट

पहले के समय में पार्न इंडस्ट्री में फिल्मों का बजट बहुत कम हुआ करता था इसलिए निर्देशको ने ब्लैक एंड व्हाइट रील को कलर्ड में बदलने के लिए आसान और सस्ते तरीके अपनाए। जिसके चलते मूवी प्रिंट पर ब्लू टिंट नोटिस होते हैं। शायद यही वजह है कि इन फिल्मों को भारत में ब्लू फिल्म्स कहा जाता है।

इतना ही नहीं जिन थिएटर्स में बी ग्रेड फिल्में दिखाई जाती है, वहां लगाए जाने वाले पोस्टर भी हमेशा ब्लू कलर का ही रखा जाता है। ऐसे कहा जाता है कि ब्लू कलर ज्यादा आकर्षित करता है। शायद इसलिए भी इसे 'ब्लू फिल्म्स' कहते हैं।

VCR की पॉलिथिन

जब फिल्मे चलना शुरु हुईं थी, तब शुरुआती दिनों में VCR का ही ट्रेंड हुआ करता था। उस वक्त वीडियो स्टोर्स नॉर्मल वीसीआर कैसेट्स को सिंपल पॉलिथिन में दिया करते थे, लेकिन पार्न फिल्म के लिए ब्लू कलर की पॉलिथिन ही इस्तेमाल की जाती थी, जिससे कलर के वजह से आसानी से इसकी पहचान की जा सके।

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ब्लू लॉ

आज से 50-60 साल पहले तक कई राज्यों में 'ब्लू लॉ' यानी 'ब्लू कानून' हुआ करता था। इसके अनुसार, संडे के दिन कई बिजनेस को चलाने की अनुमति नहीं हुआ करती थी। इसी कारण से संडे को ब्लू मूवीज भी नहीं दिखाई जाती थी। हो सकता है कि इस वजह से भी B-ग्रेड मूवीज को 'ब्लू फिल्म' कहते हो।
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