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तीन ऐसी हत्याएं जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया, नंबर 3 के बारे में जानकर कांप जाएगी रूह

देश के तीन हाइप्रोफाइल हत्या के मामलों में सजा झेल रहे मनु शर्मा, संतोष सिंह और सुशील शर्मा की रिहाई नहीं होगी। इन तीनों की सजा की समीक्षा के लिए गठित बोर्ड ने यह आदेश दिया है।

तीन ऐसी हत्याएं जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया, नंबर 3 के बारे में जानकर कांप जाएगी रूह
देश के तीन हाइप्रोफाइल हत्या के मामलों में सजा झेल रहे मनु शर्मा, संतोष सिंह और सुशील शर्मा की रिहाई नहीं होगी। इन तीनों की सजा की समीक्षा के लिए गठित बोर्ड ने यह आदेश दिया है।
इस बोर्ड में दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन, गृह सचिव, डीजी जेल, लॉ सेक्रेटरी, ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम), डिस्ट्रिक जज के अलावा सरकार की तरफ से नियुक्त किए गए चीफ प्रोबेशन ऑफिसर शामिल थे। ये तीनों हत्याएं बहुत ही क्रूर थीं। जिससे पूरा देश दहल गया था। आइए हम बताते हैं कि क्या हुआ था इन तीनों हत्याओं में...

1. जेसिका लाल हत्याकांड

29 अप्रैल 1999 की रात को मशहूर मॉडल जेसिका लाल की टैमरिंड कोर्ट रेस्टोरेंट में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसका हत्यारा और कोई नहीं मनु शर्मा था, जो कि हरियाणा के कद्दावर कांग्रेसी नेता विनोद शर्मा का बेटा है।
जेसिका लाल एक प्राइवेट पार्टी में एक बार टेंडर का काम कर रही थीं। रात 12 बजे के बाद पार्टी में शराब परोसना बंद हो गया था। मनु शर्मा उस पार्टी में शामिल हुआ था और उसने शराब मांगी। जेसिका ने मना कर दिया।
इस पर मनु शर्मा ने जेसिका को एक हजार रुपये की पेशकश की जिसपर जेसिका ने काफी कड़े स्वर में मना कर दिया। यह बात मनु को बुरी लग गई। उसने नशे में धुत्त होकर और अपने पिता के रसूख में चूरहोकर जेसिका को गोली मार दी।

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अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई। एक नेता का बेटा होने के कारण मर्डर में इंसाफ मिलना मुश्किल हो गया। सात साल तक मुकदमा चला। एक के बाद एक गवाह अपने बयान से मुकरते रहे और फरवरी 2006 में निचली अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
बाद में हाइकोर्ट ने मनु शर्मा को उम्रकैद की सजा सुनाई। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस सजा को बरकरार रखा। इस केस में पूरा देश न्याय के लिए एक साथ आ गया था।

2. प्रियदर्शिनी मट्टू मर्डर केस

कश्मीर की रहने वाली प्रियदर्शिनी मट्टू दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई कर रही थीं। उनकी हत्या 1996 में उनके ही एक सीनियर संतोष सिंह ने कर दी थी। संतोष सिंह प्रियदर्शिनी मट्टू को पसंद करता था लेकिन मट्टू अपनी पढ़ाई में व्यस्त रहती थीं।
वह प्रियदर्शिनी का पीछा भी करता रहता था। जिसकी शिकायत प्रियदर्शिनी ने पुलिस में भी की थी। कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई क्योंक संतोष सिंह का पिता जेपी सिंह आईपीएस अफसर थे। उनके रसूख के चलते दिल्ली पुलिस मूक दर्शन बनीं रही।

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एक दिन प्रियदर्शिनी मट्टू को घर में अकेले पाकर संतोष ने उनके साथ दुष्कर्म किया बाद में हेटमेट से सिर पर कई वार किए जिससे प्रियदर्शिनी मट्टू की मौत हो गई। निचली अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
हाइकोर्ट में जब मामला गया तो उसे फांसी की सजा हुई। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को उम्रकैद में तब्दील कर दिया। संतोष लगातर कई परीक्षा देने के नाम पर पैरोल लेकर बाहर आता रहा है।

3. तंदूर हत्याकांड

तंदूर हत्याकांड देश की सबसे भयावह हत्याओं में से एक है। यह 1995 में हुई थी। इस केस में राष्ट्रीय भारतीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के नेता सुशील शर्मा ने अपनी पत्नी नैना साहनी की हत्या कर दी थी। उसे नैना पर शक था कि वह उसे धोखा दे रही है।
उसका कनॉट प्लेस में अपना एक रेस्तरां था। एक दिन उसने गुस्से में आकर नैना को गोली मार दी। जब उसे यह समझ नहीं आया लाश को कहां ठिकाने लगाया जाए तो वह नैना की लाश को अपने रेस्तरां में ले गया। वहां उसने सभी कर्मचारियों को जल्दी छुट्टी दे दी और नैना की लाश को जलते हुए तंदूर में डाल दिया।

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लाश के जलने पर काफी तेज लपटें उठ रही थीं। जिसे रेस्तरां के बाहर टहल रहे एक पुलिसकर्मी ने देख लिया। उसने कंट्रोल रूम को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने पहुंचकर जांच की। तो पता चला कि तंदूर में एक शव को जलाया जा रहा था।
पुलिस ने सुशील शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। मर्डर के बाद संतोष ने शव के साथ जो किया उससे पूरे देश में आक्रोश था। मुकदमा चलने के बाद ट्रायल कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई। हाईकोर्ट ने भी फांसी की सजा बरकरार रखी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास में बदल दिया।
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