Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

कांग्रेस के इन तीन फैसलों ने बदल दिया था भारत, आज भी हो रहा फायदा

राजीव गांधी एक युवा नेता जो कम समय तक ही भारतीय राजनीति में अपनी रोशनी बेखर सका। उनकी मृत्यु से सारा देश हिल गया था। शुरुआती पढ़ाई देहरादून में करने के बाद उनकी पढ़ाई-लिखाई विदेशों में हुई।

कांग्रेस के इन तीन फैसलों ने बदल दिया था भारत, आज भी हो रहा फायदा

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस नेता राजीव गांधी की आज 75वीं जयंती मनाई जा रही है। राजीव गांधी एक युवा नेता जो कम समय तक ही भारतीय राजनीति में अपनी रोशनी बेखर सका। शुरुआती पढ़ाई देहरादून में करने के बाद उनकी पढ़ाई-लिखाई विदेशों में हुई।

कैंब्रिज यूर्निवर्सिटी से पढ़ाई के बाद भारत लौटे तो उस समय भारत विकास की राह देख रहा था। उस वक्त इंदिरा गांधी की सरकार देश की बागडोर चला रही थी।

देश में गरीबों की हालत देख कर इंदिरा ने नारा भी दिया था गरीबी खत्म करने का। उसके कुछ वक्त बाद मां इंदिरा गांधी का निधन हो गया। इसके बाद राजीव गांधी को मजबूरन राजनीति में आना पड़ा।
अच्छी पढ़ाई लिखाई ने राजीव के व्यक्तित्व में दूरगामी सोच को विकसित किया था, जिसका राजीव को राजनीति में काफी फायदा हुआ। वह कुछ ऐसे निर्णय लिए जो देश की इतिहास में दर्ज हो गए।

इन तीन फैसलों से बदला भारत

राजीव देश को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे निर्णय लेने में जरा भी देर नहीं लगाते जो विकास की राह में लेकर चले। देश में तरक्की के द्वार खोले। युवाओं को शिक्षित करें।
राजीव गांधी की सरकार ने देश के युवाओं को पढ़ाने के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय खोले। राजीव गांधी शिक्षा को आगे बढ़ाने के बहुत बड़े पैरोकार थे। वह चाहते थे देश का हर युवा शिक्षित हो।
इसलिए साल 1986 में नई शिक्षा नीति बना कर जवाहर नवोदय विद्यालय की नींव रखी गई। इस स्कूल का मुख्य उद्देश्य गांव-गांव तक बेहतर शिक्षा को लेकर जाना है।
इस स्कूल की सबसे ज्यादा खासियत यह है कि यहां पढ़ाई नि:शुल्क होती है। यहा बच्चों को भोजन, शिक्षा एवं खेलने के लिए जो सामान मिलता है वह सरकारी खर्च पर आता है।
यह राजीव गांधी की सोच का नतीजा था कि हर जिले में नवोदय विद्यालय खुला और इसमें हजारों हजारों बच्चों ने शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जो देश के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं।
राजीव को संचार क्रांति के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने सरकार का बजट सांइस एंड टेक्नोलॉजी में बढ़ाया। इसके साथ ही वह कंप्यूटर को लेकर आए। वह जानते थे कि देश अब तक संचार क्रांति से अछूता है।
राजीव ने साल 1986 में एमटीएनएल के गठन में भी महती भूमिका निभाई। इसके गठन से देश में टेलिकाम सेक्टर में जबरदस्त उछाल आया। जिसका फायदा लोगों तक पहुंचा।
Next Story
Top