Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

भारत की आजादी में इस तीन नायकों का था अहम योगदान

भारत की आजादी में लाल-बाल-पाल का अहम योगदान था।

भारत की आजादी में इस तीन नायकों का था अहम योगदान

भारत की आजादी के 70 साल पूरे होने जा रहे हैं। लेकिन आज हम जिस आजादी के साथ अपने घरों में रह रहे है। उस आजादी के लिए किन लोगों का योगदान रहा... क्या आप उनके बारे में जानते हैं।

वैसे तो आजादी में कई नायकों का योगदान रहा लेकिन इन तीन नायकों का योगदान सबसे ज्यादा रहा था।

1. लाला लाजपत राय

लाला लाजपत राय महान स्वतंत्रता सेनानी थे। ये क्रांति के द्वारा भारत की स्वतंत्रता चाहते थे। जब साइमन कमीशन भारत आया था तब लाला लाजपत राय ने ही युवाओं को साथ लेकर साइमन कमीशन का विरोध किया था।

इसे भी पढ़ें: स्वतंत्रता दिवस विशेषः इन्होंने दिया था पहली बार 'इन्कलाब जिन्दाबाद' का नारा

इस विरोध के बाद इन युवाओं को बेरहमी से पीटा गया। इतना ही नहीं पुलिस ने लाला लाजपत राय की छाती पर बर्बरता से लाठियां बरसाई जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। जिसके बाद अंतिम भाषण में उन्होंने कहा था कि 'मेरे छाती पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश सरकार के कफन की कील बनेगी'।

2. बाल गंगाधार तिलक

बाल गंगाधार तिलक भी लाला लाजपत की तरह ही क्रांति के द्वारा भारत को आजादी दिलाना चाहते थे। इनके विचार तो और भी अधिक उग्र थे। इनका लक्ष्य स्वराज था इसलिए इन्होंने 'स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है' का नारा बुलंद किया था।

इसे भी पढ़ें: स्वतंत्रता दिवस: 1857 एक क्रांति नहीं बल्कि अंग्रेजों के खिलाफ था पहला युद्ध, जानें कैसे

बल गंगाधर तिलक ही आजादी के आंदोलन में ऐसे व्यक्ति थे जिसने कहा था कि भारतीयों को विदेशी शासन के साथ सहयोग नहीं करना चाहिए।

3. बिपिन चंद्र पाल

बिपिन चंद्र पाल का नाम भारत के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में 'क्रान्तिकारी विचारों के जनक' के रूप में आता है, जो अंग्रेज़ों की चूलें हिला देने वाली 'लाल' 'बाल' 'पाल' तिकड़ी का एक हिस्सा थे।

विपिन चन्द्र पाल बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में इन्होंने लाला लाजपत राय,बाल गंगाधार तिलक के साथ मिलकर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद की थी।

Next Story
Top