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2017: इस साल देश की अदालतों ने लिए ऐतिहासिक फैसले, बदल गई लोगों की जिंदगियां

इस साल मई महीने में सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया।

2017: इस साल देश की अदालतों ने लिए ऐतिहासिक फैसले, बदल गई लोगों की जिंदगियां

साल 2017 में देश में कई बड़े बदलाव हुए हैं और उन्ही में से हैं अदालतों के फैसले जिन्होंने लोगों की जिंदगी में बड़े बदलाव लाए।

आज हम आपको उन्हीं 5 बड़े फैसलों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने देश में बदलाव की लहर ला दी।
1.ट्रिपल तलाक- इस साल मई महीने में सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया। इस फैसले में ये कहा गया कि एक साथ तीन बार तलाक बोलकर तलाक देने की प्रथा असंवैधानिक है।

2. नाबालिग पत्नी से संबंध बनाना है रेप के जैसा- सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग पत्नी के साथ नाबालिग पति का संबंध बनाना रेप जैसा है। कोर्ट ने आदेश में कहा कि नाबालिग के साथ संबंध बनाना रेप जैसा है। भले ही उसका पति नाबालिग क्यों न हो।
3. पटाखों पर बैन- दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के चलते दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस साल अक्टूबर के महीने में पटाखों पर बैन लगा दिया था। बता दें कि दिवाली में होने वाली आतिशबाजी से दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण का लेवल कई गुना बढ़ा जाता है जिसको देखकर दिल्ली उच्च न्यायालय ने ये फैसला लिया।
4. राम रहीम केस- डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को इस साल उसकी काली करतूतों की सजा मिल गई। बता दें कि राम रहीम को दो साध्वियों से रेप के केस में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। ये फैसला पंचकूला में सीबीआई की विशेष अदालत ने लिया। 25 अगस्त को लिए गए इस फैसले के बाद पंचकूला और आस-पास के इलाकों में व्यापक हिंसा फैली थी।

5. आरुषि हत्याकांड मामला- आरुषि हत्याकांड मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एतिहासिक फैसला सुनाया। जिसके तहत आरुषि के माता-पिता को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। गौरतलब है कि 2008 में आरुषि और उसके घर में काम करने वाले हेमराज की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने राजेश और नूपुर तलवार को हिरासत में ले लिया था।
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