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इन 41 पुलिसकर्मियों ने दिलाया निर्भया को इंसाफ

इन सभी पुलिसवालों ने दिन-रात एक करके आरोपियों के खिलाफ सबूत इकट्ठा किए।

इन 41 पुलिसकर्मियों ने दिलाया निर्भया को इंसाफ

असिस्टेंट सब इंस्‍पेक्टर से लेकर डीसीपी रैंक के ऐसे 41 पुलिसकर्मी हैं, जिन लोगों ने दिन-रात एक कर निर्भया केस की जांच की और आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद फांसी के फंदे तक पहुंचाया।

इनकी जांच की तारीफ निचली अदालत, हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तीनों ने अपने अपने फैसलों में की। सोमवार को पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने इन्हें दिल्ली पुलिस मुख्यालय बुलाकर इनकी हौसला अफजाई की।

16 दिसम्बर, 2012 की रात को निर्भया के साथ एक चलती बस में गैंगरेप हुआ था। उसके साथ 6 लोगों ने ऐसी हैवानियत की कि 29 दिसम्बर को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

एक हफ्ते के अंदर सभी आरोपियों को किया गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने एक हफ्ते के अंदर न सिर्फ सभी आरोपियों को पकड़ लिया बल्कि महज 19 दिन के अंदर कोर्ट में 1000 पन्नों की चार्जशीट भी पेश कर दी। इस केस में ऐसा कोई सबूत, ऐसा कोई गवाह नहीं था, जिसे पुलिस ने अपनी जांच में शामिल न किया हो।

पुलिस ने आरोपियों के पकडऩे के साथ-साथ जिस रास्ते से बस गई थी उसका सीसीटीवी फुटेज बरामद किया। जांच में उस हर छोटे से छोटे बिंदु को शामिल किया गया, जो आरोपियों को कोर्ट में खड़ा कर सकता था।

निर्भया के मां-बाप को था पुलिस पर भरोसा

पुलिस ने महज एक दिन के अंदर सिंगापुर ले जाने के लिए निर्भया के मां-बाप का पासपोर्ट बनवाया। टीम में 2 डीसीपी के अलावा कई तेजतर्रार इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर शामिल रहे।

इसके अलावा दर्जनों सिपाही भी रात दिन मामले की जांच से जुड़े रहे। पुलिस अधिकारी लगातार निर्भया के मां बाप को धीरज बंधाते रहे, शायद यही वजह है कि केस की शुरुआत से लेकर कोर्ट के फैसले आने तक निर्भया के मां-बाप पुलिस की तारीफ करते रहे।

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