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NRC विवाद: SC में दायर रिपोर्ट के मुताबिक एनआरसी में नाम जोड़ने के लिए ये 10 दस्तावेज होंगे मान्य

राष्ट्रीय नागरिक पंजीयन (एनआरसी) के संयोजक प्रतीक हाजेला की ओर से बुधवार को उच्चतम न्यायालय को सौंपी गयी रिपोर्ट के अनुसार एनआरसी में नाम शामिल कराने के लिए दावा प्रपत्र की सूची-ए में जिन दस पैतृक दस्तावेज पर भरोसा किया जाएगा।

NRC विवाद: SC में दायर रिपोर्ट के मुताबिक एनआरसी में नाम जोड़ने के लिए ये 10 दस्तावेज होंगे मान्य
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राष्ट्रीय नागरिक पंजीयन (एनआरसी) के संयोजक प्रतीक हाजेला की ओर से बुधवार को उच्चतम न्यायालय को सौंपी गयी रिपोर्ट के अनुसार एनआरसी में नाम शामिल कराने के लिए दावा प्रपत्र की सूची-ए में जिन दस पैतृक दस्तावेज पर भरोसा किया जाएगा, वे इस प्रकार हैं: ये सभी दस्तावेज 24 मार्च, 1971 की मध्यरात्रि तक जारी होने की स्थिति में ही वैध होंगे...

1) जमीन के दस्तावेज जैसे... बैनामा, भूमि के मालिकाना हक का दस्तावेज।

2) राज्य के बाहर से जारी किया गया स्थाई निवास प्रमाणपत्र।

3) भारत सरकार की ओर से जारी पासपोर्ट।

4) भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसीआई) की बीमा पॉलिसी जो 24 मार्च, 1971 तक वैध हो।

5) किसी भी सरकारी प्राधिकरण द्वारा जारी लाइसेंस/प्रमाणपत्र।

6) सरकार या सरकारी उपक्रम के तहत सेवा या नियुक्ति को प्रमाणित करने वाला दस्तावेज।

7) बैंक/डाक घर में खाता।

8) सक्षम प्राधिकार की ओर से जारी किया गया जन्म प्रमाणपत्र।

9) बोर्ड/विश्वविद्यालयों द्वारा जारी शिक्षण प्रमाणपत्र।

10) न्यायिक या राजस्व अदालत की सुनवाई से जुड़ा दस्तावेज।

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राज्य एनआरसी संयोजक की रिपोर्ट में कहा गया है कि एनआरसी में किसी का नाम शामिल कराने का दावा करने के लिए इन 10 दस्तावेजों को वैध माना जाएगा। यदि यह दस्तावेज उन्हें जारी करने वाले सक्षम प्राधिकार के पास सत्यापन में सही निकलते हैं तो उन्हें वैधती दी जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, वंशावली से जुड़े निम् पांच दस्तावेजों को मान्यता नहीं दी जायेगी...

1) एनआरसी, 1951 का हिस्सा।

2) मतदाता सूची का हिस्सा या प्रमाणित प्रति।

3) सक्षम प्राधिकार की ओर से जारी नागरिकता प्रमाणपत्र।

4) शारणार्थी पंजीकरण प्रमाणपत्र।

5) सक्षम प्राधिकार द्वारा आधिकारिक सील और हस्ताक्षर के साथ जारी किया गया राशन कार्ड।

न्यायालय ने एनआरसी संयोजक की रिपोर्ट के संबंध में केन्द्र और अन्य पक्षकारों से दो सप्ताह के भीतर प्रतिक्रिया मांगी है। उसके बाद समुचित आदेश पारित होगा।

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