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सरकारी अफसरों से भी कम है राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की सैलरी, ये है वजह

गृह मंत्रालय ने पिछले साल सैलरी बढ़ाने के लिए एक मसौदा तैयार किया था।

सरकारी अफसरों से भी कम है राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की सैलरी, ये है वजह
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देश में राष्ट्रपति का सबसे ऊंचा स्थान होता है। आमतौर पर लोग ऐसा मानते हैं कि देश में सबसे ज्यादा सैलरी राष्ट्रपति की होती है लेकिन ऐसा है नहीं। बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की सैलरी मंत्रियों और सरकारी अफसरों से भी कम है।

आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को तीनों सेना के सेनाध्यक्षों से भी कम सैलरी मिलती है। उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय ने पिछले साल सैलरी बढ़ाने के लिए एक मसौदा तैयार किया था लेकिन अभी तक इसपर कोई कदम नहीं उठाया गया है। कैबिनेट के पास ये मसौदा मंजूरी के लिए अभी तक रखा है लेकिन इसपर कोई फैसला नहीं आया है।
सैलरी कम होने का असली कारण प्रारूप का असली रूप धारण नहीं करना है। फिलहाल देश के राष्ट्रपति को 1.50 लाख रुपए, उपराष्ट्रपति को 1.25 लाख और गवर्नर को 1.20 लाख रुपए प्रतिमाह सैलरी मिलती है। 7वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद कैबिनेट सेक्रेटरी को 2.5 लाख और केंद्र सरकार के सेक्रेटरी को 2.25 लाख रुपए प्रतिमाह सैलरी मिलती है।
गौरतलब है कि अगर गृह मंत्रालय के मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी मिल जाती है तो ऱाष्ट्रपति की सैलरी 5 लाख रुपए हो जाएगी। बढ़ोत्तरी के बाद उपराष्ट्रपति की सैलरी 3.5 लाख और गवर्नर की सैलरी 3 लाख रुपए हो जाएगी।

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