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देखिए, इसरो के अध्यक्ष राधाकृष्णान के इस नए अवतार को, रह जाएंगी आंखे फटी की फटी

डॉ॰ राधाकृष्णन ने 30 अक्टूबर को डॉ॰ जी माधवन नायर की सेवानिवृत्ति के पश्चात् उनका स्थान लिया।

देखिए, इसरो के अध्यक्ष राधाकृष्णान के इस नए अवतार को, रह जाएंगी आंखे फटी की फटी

नई दिल्ली. मंगलयान को सफलातपूर्वक मंगल की कक्षा में पहुंचाकर देश का नाम रौशन करने वाले इसरो के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन के जीवन की एक और जिन्दगी है, जिससे शायद आप आज तक अंजान थे। हम आपको कुछ ऐसी ही तस्वीरें दिखाने जा रहे हैं। राधाकृष्णान की इन तस्वीरों को देखकर आप शायद ही उन्हें पहचान पाएं। राधाकृष्णान की गिनती कर्नाटक के गायक हैं। अभी तक अपने राकेट और मार्स मिशन के जरिए अपना बना लेने वाले राधाकृष्णान अपने गानों के जरिए भी लोगों को अपना बनाने कील कला जानते हैं। ये वही वैज्ञानिक हैं, जिन्होंने मंगलयान को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में पहुंचाकर लोगों को नाचने का मौका दिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वो खुद एक अच्छे कथककली आर्टिस्ट है।

डा. जी माधवन नायर की जगह ली राधाकृष्णान-

राधाकृष्णान इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (इसरो) के अध्यक्ष और डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस के सेक्रेटरी के राधाकृष्णान का जन्म 29 अगस्त 1949 को केरल में हुआ। इन्होंने अपनी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से की। इन्होंने मात्र 22 साल की उम्र में इसरो में काम करने लगे। इनको 2014 में पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। के राधा कृष्णान को 2009 में इसरो का अध्यक्ष बनाया गया। डॉ॰ राधाकृष्णन ने 30 अक्टूबर को डॉ॰ जी माधवन नायर की सेवानिवृत्ति के पश्चात् उनका स्थान लिया।

केरल से ली इंजीनियरिंग की डिग्री-

डॉ॰ राधाकृष्णन ने केरल विश्वविद्यालय से 1970 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग किया है। इन्होंने इसरो में अपना कार्यकाल विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर, तिरुवनंतपुरम में एवियॉनिक्स इंजीनियर के रूप में 1971 से शुरू किया। वे विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के डॉयरेक्टर रह चुके हैं।

नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, राधाकृष्णान की जिंदगी की अनसुनी जिंदगी के बारे में-
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