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नागरिकों की हत्या करने वाले आतंकवादियों का कोई मानवाधिकार नहीं होताः नकवी

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को कहा कि बेगुनाह नागरिकों की हत्या करने वाले आतंकवादियों का कोई मानवाधिकार नहीं होता।

नागरिकों की हत्या करने वाले आतंकवादियों का कोई मानवाधिकार नहीं होताः नकवी

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को कहा कि बेगुनाह नागरिकों की हत्या करने वाले आतंकवादियों का कोई मानवाधिकार नहीं होता।

नकवी ने यहां राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा आयोजित मानवाधिकार दिवस कार्यक्रम में कहा कि दुख की बात है कि कुछ संगठन और लोग ऐसे आतंकवादियों, राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती देने वाले संगठनों व लोगों के मानवाधिकार के लिए आवाज उठाते ज्यादा दिखते हैं।
नकवी ने कहा कि इस तरह के आतंकी संगठन और लोग आम नागरिकों की हत्या करना, आतंक फैलाना और दुनिया की शांति, सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की साजिशों को अपना मानवाधिकार समझ बैठे हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया के अन्य प्रजातान्त्रिक देशों के मुकाबले भारत में लोगों के सामाजिक-आर्थिक-धार्मिक एवं मानवाधिकार कहीं ज्यादा सुरक्षित हैं। सहिष्णुता, सौहार्द भारत के डीएनए में है। सामाजिक-सांस्कृतिक सौहार्द के कारण ही भारत विभिन्न भाषाओँ, धर्मों, सम्प्रदायों के बावजूद एकता के सूत्र में बंधा हुआ है। हमारी इस एकता की ताकत को कोई भी शैतानी ताकत कमजोर ना करने पाए इसके लिए हमें सचेत-सावधान रहना होगा।
नकवी ने कहा कि केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने तुष्टिकरण के बिना सम्मान के साथ सशक्तिकरण की नीति पर चलकर समाज के हर जरूरतमंद तबके को विकास का बराबर का "हिस्सेदार-भागीदार" बनाया है।
उन्होंने कहा कि आज समाज के हर तबके में मोदी सरकार के विकास कार्यों के कारण "विकास के साथ विश्वास" का माहौल बना है। लेकिन यह माहौल कुछ लोगों को हजम नहीं हो पा रहा है। ऐसे लोग और उनके सहयोगी इस "विकास और विश्वास" के माहौल को ख़राब करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हमारी सरकार इस "विकास और विश्वास" के माहौल को किसी भी हालत में ख़राब नहीं होने देने को लेकर प्रतिबद्ध है।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एच एल दत्तू, वरिष्ठ अधिकारी एवं समाज के विभिन वर्गों के बुद्धिजीवी उपस्थित थे।
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