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सपा-कांग्रेस: गठबंधन की चर्चा के बीच तनाव की खबरें

सपा कांग्रेस को वो सीटें ऑफर कर रही है जहां वो कभी जीत नहीं पाई है।

सपा-कांग्रेस: गठबंधन की चर्चा के बीच तनाव की खबरें
लखनऊ. उत्तर प्रदेश चुनावों के मारफत समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन होने की जोरों की चर्चाओं के बीच अंदरखाने सूचना ये है कि दोनों पार्टियां आपस में लड़ रही हैं और झगड़ा गठबंधन ना होने की कगार पर पहुंच गया है।
उत्तर प्रदेश चुनावों के मारफत समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन होने की जोरों की चर्चाओं के बीच अंदरखाने सूचना ये है कि दोनों पार्टियां आपस में लड़ रही हैं और झगड़ा गठबंधन न होने की कगार पर पहुंच गया है।
यह बात सामने आई है शुक्रवार सुबह अखिलेश यादव की ओर से 191 उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद। जब ये देखा गया कि अखिलेश ने अपनी सूची में उन विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं, जहां पहले से ही कांग्रेस के विधायक हैं।
बीते दिनों में यह चर्चाएं जोरों पर रही कि अखिलेश और राहुल दोनों युवा हैं और आगामी चुनाव दोनों युवा साथ आकर लड़ेंगे। बीच में समाजवादी पार्टी में आंतरिक फूट के बाद तो यहां तक बातें हुई कि अगर अखिलेश को साइकिल नहीं मिली तो वह अपनी पार्टी बनाकर चुनाव लड़ेंगे।
जिसमें कि कांग्रेस उनका साथ देगी। लेकिन इन्हीं खबरों के बीच ‌अंदर की ये खबर है कि समाजवार्टी पार्टी बहुत ही चतुराई दिखा रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सपा उन सीटों पर भी अपने उम्मीदवार खड़े कर रही है, जहां से मौजूदा विधायक कांग्रेस के हैं और जो कांग्रेस के गढ़ हैं।
इसके बदले कांग्रेस को वो सीटें ऑफर की जा रही हैं, जहां सपा जीत नहीं पा रही है। वो सीटें जहां विपक्षी पार्टियों की पैठ है। उत्तर प्रदेश में ऐसी कितनी ही सीटें हैं, जहां सालों से कांग्रेस उम्मीदवार दूसरे नंबर भी नहीं आ सकी है।
अगर आपको अखिलेश यादव का पिछला भाषण याद हो, "अगर हमारा कांग्रेस से गठबंधन होता है तो हम 300 से अधिक सीटें जीतने में कामयाब होंगे।"
तो अखिलेश की नजर 403 में से 300 सीटें जीतने पर लगी है। कहने मतलब है वह 75 फीसदी सीटें कब्जा करने के मूड में है। वह साफ-सुधरी और युवा नेतृत्व के आईने में अंदरखाने जबर्दस्त राजनीति कर रहे हैं।
आप ध्यान से देखें तो पिछले दो महीनों में हुई सपा की आपसी तकरार में साफ एक दूसरे के विरोधी दिख रहे अखिलेश और शिवपाल अब साथ हैं। अखिलेश की सूची में उनका नाम है।
मुलायम सिंह यादव ने बीते दिन दी इकोनॉमिक टाइम्स में दिए इंटरव्यू में साफ कहा है वह अलिखेश के प्रचार में जान लगा देंगे। उन्होंने कहा कि अखिलेश उनके बेटे हैं, उनके लिए जो बन पड़ेगा वह करेंगे।
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