Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

कैग रिपोर्टः दूरसंचार कंपनियों ने लगाई करोड़ों की चपत

दूरसंचार कंपनियों ने 45 हजार करोड़ का चूना लगाया।

कैग रिपोर्टः दूरसंचार कंपनियों ने लगाई करोड़ों की चपत

नई दिल्ली. यूपीए शासनकाल में 176 करोड़ रुपये के चर्चित 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के कारण जहां मनमोहन सरकार चौतरफा कटघरे में खड़ी नजर आई तो वहीं दूसरी ओर देश की शीर्ष छह निजी दूरसंचार कंपनियों ने भी सरकार को करीब 45 हजार करोड़ रुपये की चपत लगाई।

इसे भी पढ़ें- सरकार पीएसयू बैंकों को देगी 5 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त पूंजी

यह खुलासा इसी माह संपन्न हुए बजट सत्र के पहले चरण के अंतिम दिनों में संसद में पेश हुई कैग की रिपोर्ट में सामने आया। मसलन सरकार को 45 हजार करोड़ का चूना लगाने वाली इन छह शीर्ष निजी दूरसंचार कंपनियों में रिलायंस कम्यूनिकेशन, एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया, टाटा और एयरसैल के नाम शामिल है, जिन्होंने मिलकर वर्ष वर्ष 2006-07 से 2009-10 के दौरान टेलीकॉम के नियमों को जमकर उल्लंघन करते हुए बड़ा मुनाफा कमाया। इन कंपनियों ने डिस्ट्रीब्यूटर, डीलर व एजेंटों को दिए गए कमीशन की राशि को हटाकर जीआर यानि ग्रॉस रेवेन्यू और एजीआर यानि एनुअल ग्रॉस रेवेन्यू को कम करके दर्शाया, जबकि नियमानुसार केंद्र सरकार को दिए जाने वाले कर में डिस्ट्रीब्यूटर, डीलर व एजेंटों को दिये जाने वाले कमीशन को भी जीआर और एजीआर में शामिल करना जरूरी था।

इसे भी पढ़ें- कर्ज महंगा तो अर्थव्यवस्था धीमी, जेटली ने ब्याज दरों को कम करने के निर्णय को सही ठहराया

इन सभी छह कंपनियों के अकाउंट में मोटी गड़बडी करने का कैग रिपोर्ट में खुलासा हुआ है, जबकि सरकार ने इन्हीं कंपनियों की मदद के लिए उन्हें बेलआउट पैकेज तक मुहैया कराने में कोई कोताही नहीं बरती। यही नहीं सरकार की तरफ से संचार बाजार की सुस्ती की परवाह किये बिना भारतीय दूरसंचार क्षेत्र के विकास के लिए नीतियों में बदलाव करके स्पेक्ट्रम लाइसेंसधारियों को विशेष छूट तक दे डाली। कंपनियों के खातों की जांच में कैग ने पाया कि वर्ष 2006 से 2010 के दौरान कर संबंधित व्यवस्थाओं के अधीन जो तथ्य सामने आए हैं उसके अनुसार करीब 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कर चोरी होने का अनुमान है।

खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे फेसबुक पेज फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

Next Story
Share it
Top