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राजग में बिखराव पर कांग्रेस का हमला, कहा- पीएम साथियों का सम्मान नहीं करते

राजग सरकार से आज उसके घटक दल तेलुगु देशम पार्टी के दो मंत्रियों अशोक गजपति राजू और वाई एस चौधरी ने इस्तीफा दे दिया।

राजग में बिखराव पर कांग्रेस का हमला, कहा- पीएम साथियों का सम्मान नहीं करते

कांग्रेस ने राजग गठबंधन में शामिल तेदेपा के दो मंत्रियों द्वारा सरकार से त्यागपत्र देने पर आज कहा कि राजग में बिखराव के इस संकेत से स्पष्ट है कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 'असहमति के स्वरों' को स्वीकार नहीं करते हैं और घटक दलों का 'असम्मान' करते हैं।

केन्द्र में सत्तारूढ़ राजग सरकार से आज उसके घटक दल तेलुगु देशम पार्टी के दो मंत्रियों अशोक गजपति राजू और वाई एस चौधरी ने इस्तीफा दे दिया। हालांकि तेदेपा ने स्पष्ट किया है कि वह राजग में बना रहेगा।

तेदेपा के भाजपा के साथ संबंधों में आयी खटास के बारे में पूछने पर कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने आज संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस ने आज कहा कि राजग से एक एक कर घटक दलों का हटना भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों का परिचायक है।

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उन्होंने कहा कि राजग में कभी भी सब कुछ ठीक नहीं था। राजग एक ऐसा तानाशाही गठबंधन है जिसमें विचारों की बहुलता को कभी स्वीकार नहीं किया जाता। राजग में यह जो बिखराव हो रहा है, यह भाजपा और प्रधानमंत्री की इसी नीति का परिचायक है।

उन्होंने आगे कहा कि भााजपा का सबसे पुराना सहयोगी शिवसेना पहले ही घोषित कर चुका है कि वह भाजपा के साथ आगामी चुनाव नहीं लड़ेगा। बीजद ने भी पहले ही भाजपा से किनारा कर लिया।

सुरजेवाला ने कहा कि जनता दल यूनाइटेड ने पहले भाजपा का साथ छोड़ा और वे फिर साथ आ गए। इसके पीछे क्या मजबूरी है, यह केवल जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ही बता सकते हैं।

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सुरजेवाला ने कहा कि इन सबसे से पता चलता है कि प्रधानमंत्री अन्य लोगों की राय को नहीं सुनते हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू राजग के न केवल पुराने सहयोगी है बल्कि वह स्वयं इसके संयोजक रह चुके हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें अब इस गठबंधन में बने रहने की व्यर्थता समझ आ चुकी है। इस गठबंधन में अपने घटक दलों के लिए असम्मान और अपमान के अलावा कुछ नही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने आंध प्रदेश के लोगों के साथ किये गये वादों को पूरा नहीं किया और उसके अधिकारों को दबाया।

ये वादे उस समय किया जब आंध्र प्रदेश का विभाजन हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी की सत्ता के अहंकार में चूर सरकार के पास गठबंधन के भीतर एवं बाहर असहमति के स्वरों के लिए शायद ही कोई स्थान हो। वर्तमान गठबंधन में बिखराव उसी का संकेत है।

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