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1 अप्रैल 2018 से बदल जाएंगे टैक्स से जुड़े ये 10 नियम, जानें क्या पड़ेगा आम आदमी पर इसका असर

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साल 2018-19 के बजट में कई अहम प्रस्ताव पेश किए हैं। इन प्रस्तावों में टैक्स में भी कई बदलाव किए गए हैं।

1 अप्रैल 2018 से बदल जाएंगे टैक्स से जुड़े ये 10 नियम, जानें क्या पड़ेगा आम आदमी पर इसका असर

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साल 2018-19 के बजट में कई अहम प्रस्ताव पेश किए हैं। इन प्रस्तावों में टैक्स में भी कई बदलाव किए गए हैं। ये नए नियम 1 अप्रैल से लागू होने वाले हैं। इन नियमों के लागू होने से पहले आपको इसे जानना जरूरी है, जिससे आप अपनी आगे की टैक्स प्लानिंग कर सकें।

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आज हम आपको टैक्स से जुड़े उन 10 बदलावों के बारे में बताने में जा रहे हैं, जो न केवल आपकी टैक्सेबल इनकम समझने में मदद करेंगे बल्कि इनको जानने के बाद आपके लिए टैक्स प्लानिंग करना भी आसान हो जाएगा। तो आइए जानते हैं टैक्स से जुड़े इन 10 बदलावों के बारे में...

  • 1 अप्रैल से अब सैलरीड क्लास को 40 हजार रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा मिलेगा। इससे वेतनभोगियों की टैक्सेबल आय में से 40 हजार रुपये कम हो जाएंगे।

  • वहीं इनकम टैक्स पर लगने वाला एजुकेशन सेस 3% से बढ़कर 4% हो जाएगा। इसका मतलब है कि अब आप जो भी टैक्स पेय करेंगे उस पर 4% का सेस देना होगा।

  • बजट के बाद होने वाले बदलावों के तहत अब शेयर बाजार और इक्व‍िटी लिंक्ड फंड में निवेश से मिलने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर भी टैक्स लगेगा। यह टैक्स उन लोगों को भरना पड़ेगा, जो इससे एक साल के अंदर 1 लाख रुपए तक की कमाई करते हैं। इस पर 10% का एलटीसीजी (LTCG) टैक्स देना होगा।

  • अगर आपका NPS अकाउंट है और आप सैलरीड क्लास से नहीं हैं तो अब आपको खाता क्लोज करने के दौरान कुल फंड की 40% राशि पर टैक्स नहीं देना पड़ेगा, हालांकि सैलरीड क्लास को ये सुविधा पहले से ही मिलती आ रही है।

  • पहले जब आप कुछ साल तक इंश्योरेंस भरते रहते थे तो कई बीमा कंपनियां आपको कुछ छूट देती थी। पहले इश्योरेंस लेने वाला व्यक्ति 25 हजार रुपए तक की रकम पर 'टैक्स डिडक्शन' क्लेम कर सकता था लेकिन 1 अप्रैल के बाद अब 1 साल से ज्यादा के सिंगल प्रीमियम हेल्थ बीमा पॉलिसी पर बीमा अवधि के अनुपात में छूट दिए जाने का प्रस्ताव है।

  • वहीं वरिष्ठ नागरिकों को बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा पैसों पर अगर 50 हजार तक ब्याज मिलता है तो इस पर उन्हें कोई टैक्स नहीं भरना होगा। बजट 2018-19 में सेक्शन 80TTB जोड़े जाने का प्रस्ताव है, जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को फिक्स्ड डिपोजिट (FD) और रिकरिंग डिपोजिट (RD) से मिलने वाला 50,000 तक का ब्याज टैक्स फ्री होगा।

  • आम बजट में वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज से होने वाली आय पर स्रोत पर टैक्स (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स या TDS) की सीमा को 10,000 रुपए से बढ़ाकर 50,000 रुपए कर देने के प्रस्ताव भी दिया गया है।

  • वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट 2018-19 में 'प्रधानमंत्री वय वंदना योजना' के तहत निवेश की सीमा को 7.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख कर दिया है। इस योजना के जरिए जमा राशि पर 8% तक का ब्याज मिलता है।

  • वहीं इस साल के बजट में इलाज में राहत दी गई है जिसके तहत कुछ खास प्रकार की बीमारियों पर मिलने वाली टैक्स छूट को बढ़ाकर एक लाख कर दिया गया है। वर्तमान समय में 80 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों के लिए ये 80,000 रुपए है। जबकि, 60-80 साल के वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 60,000 रुपए है।

  • आम बजट में सेक्शन 80D के तहत बुजुर्गों के स्वास्थ्य बीमा और आम मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट की सीमा भी 50 हजार कर दी गई है। जो कि पहले 30 हजार रुपए थी।

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