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तंदूर कांड केस : सुशील शर्मा और नैना की लव स्टोरी, जानें कौन बना तंदूर कांड की वजह

तंदूर कांड केस के सुशील शर्मा और नैना साहनी दोनों ही युवा कांग्रेस से जुड़े हुए थे। उस वक्‍त नैना का अफेयर मतलूब नाम के युवक से था, लेकिन घर वालों के विरोध के चलते नैना मतलूब से शादी नहीं कर पाईं।

तंदूर कांड केस : सुशील शर्मा और नैना की लव स्टोरी, जानें कौन बना तंदूर कांड की वजह

तंदूर कांड केस में सजा भुगत चुके सुशील शर्मा को दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद रिहा कर दिया गया है। साल 1995 में अपनी पत्नी नैना साहनी पर बेवफाई का शक होने पर उसने पहले पत्नी की जासूसी भी करवाई और शक पुख्ता होने के बाद हत्या कर दी थी। इसके बाद लाश के टुकड़े-टुकड़े कर उस पर मक्खन लगाकर धधकते तंदूर में जलाने की कोशिश की थी।

तंदूर कांड केस

बता दें कि तंदूर कांड केस के आरोपी पति सुशील ने बीवी की हत्या के बाद लाश के टुकड़े-टुकड़े कर तंदूर में जलाने के दोष में सुशील वर्मा पिछले 23 साल से उम्रकैद की सजा काट रहा था। इससे पहले 12 दिसंबर को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा था कि क्या किसी शख्स को हत्या के जुर्म में अनिश्चितकाल के लिए जेल में बंद रखा जा सकता है,

जबकि वो पहले ही सजा काट चुका है। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल की बेंच ने कहा था कि याची 23 साल से अधिक समय से जेल में है। हत्या अपने आप में जघन्य है। वह अपनी सजा तकरीबन पूरी कर चुका है। क्या अब उसे जेल में रखना उसके मानवाधिकारों का हनन नहीं है?

तंदूर कांड क्या है

तंदूर कांड केस का मामला दिसंबर 1995 का है। नई दिल्ली स्थित अशोक यात्री निवास (बाद में इसका नाम रामदा प्लाजा हुआ, अब यह रॉयल होटल के नाम से स्थित है) के तंदूर से जो बदबू निकली थी,

उसने पूरे देश के रौंगटे खड़े कर दिये थे। यहां सुशील शर्मा ने अपनी पत्‍नी नैना साहनी की हत्‍या की थी और उसकी लाश के टुकड़े को तंदूर में जला दिया था।

सुशील और नैना ने की थी लव मैरिज

तंदूर कांड केस में दरअसल, सुशील शर्मा और नैना साहनी दोनों ही युवा कांग्रेस से जुड़े हुए थे। उस वक्‍त नैना का अफेयर मतलूब नाम के युवक से था, लेकिन घर वालों के विरोध के चलते नैना मतलूब से शादी नहीं कर पाईं।

कुछ समय बाद नैना की नज़दीकी सुशील शर्मा से हुई और दोनों ने लव मैरिज कर ली। शादी के बाद भी सुशील शर्मा को यह शक था कि उसकी पत्नी नैना का किसी और से अफेयर चल रहा है।

काम वाली ने शव जलने की दी थी सूचना

तंदूर कांड केस का आरोपी सुशील (नैना का पति) एक दिन जब वो घर लौटा, तो उसने देखा कि नैना टेलीफोन पर किसी से बात कर रही है। नैना ने जैसे ही फोन रखा सुशील ने री-डायल कर दिया। दूसरी तरफ फोन पर मतलूब था। सुशील गुस्‍से में आग बबूला हो गया और उसने नैना पर गोली चला दी।

मौत के बाद सुशील ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर नैना के शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया था। दोनों ने लाश के टुकड़े-टुकड़े किए और इन्हें एक बैग में डालकर नई दिल्ली स्थित अशोक यात्री निवास ले गए। वहां रात के करीब 1:30 बजे दोनों ने तंदूर में नैना के टुकड़ों मक्खन से जलाने की कोशिश की।

ताकि लाश के टुकड़े जल्दी जल जाए। तंदूर से निकलने वाले धुएं और बदबू ने करीब में काम करने वाली एक महिला का ध्यान खींचा, जिसने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने सुशील शर्मा के दोस्त केशव को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन सुशील शर्मा भागने में कामयाब रहा था।

नैना का दो बार हुआ पोस्टमार्टम

तंदूर कांड केस में सुशील ने 10 जुलाई, 1995 को सरेंडर कर दिया। एम्स के प्रोफेसर टीडी डोगरा की अगुवाई में बोर्ड ने दूसरा पोस्टमार्टम किया। इस बार सिर और गर्दन के हिस्से से दो ‌गोलियां निकली, जो पहले पोस्टमार्टम में नहीं मिली थी। रिपोर्ट से यह साफ हुआ कि नैना की मौत गोली लगने से हुई थी।

सुशील को 7 नवंबर, 2003 को सजा ए मौत सुनाई गई। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। लेकिन, सुशील ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। शीर्ष अदालत ने उसकी फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया।

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