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सिर्फ 3 घंटे ही कर पाएंगे ताजमहल का दीदार, पर्यटकों की संख्या पर लगेगी लगाम, सरकार ने बताई ये बड़ी वजह

ताजमहल देश और दुनिया का सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल माना जाता है। ताजमहल को देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं और ताजमहल परिसर में काफी समय बिताते हैं।

सिर्फ 3 घंटे ही कर पाएंगे ताजमहल का दीदार, पर्यटकों की संख्या पर लगेगी लगाम, सरकार ने बताई ये बड़ी वजह

ताजमहल देश और दुनिया का सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल माना जाता है। ताजमहल को देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं और ताजमहल परिसर में काफी समय बिताते हैं। लेकिन सरकार इसको लेकर एक नई नीति बनाने जा रही है, जो पर्यटकों के लिए निराशाजनक है।

दरअसल, भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) ने पर्यटन एव संस्कृति मंत्रालय के साथ मिलकर योजना बनाई है। इस योजना के तहत ताजमहल देखने की अविध तीन घंटे तक सीमित करने के अलावा पर्यटकों की संख्या भी तय कर दी जाएगी। इस पर अमल होने की स्थिति में एक दिन में 40,000 पर्यटकों को ही ऐतिहासिक इमारत का दीदार करने का मौका मिल सकेगा।

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ताजमहल देखने की अविध तीन घंटे तक सीमित करने के अलावा पर्यटकों की संख्या भी तय कर दी जाएगी। इस पर अमल होने की स्थिति में एक दिन में 40,000 पर्यटकों को ही ऐतिहासिक इमारत का दीदार करने का मौका मिल सकेगा।

एंट्रीगेट पर मची थी भगदड़

दरअसल, 28 दिसंबर को ताजमहल में पर्यटकों के प्रवेश का वक्त समाप्त होने से कुछ देर पहले एक प्रवेश द्वार पर भगदड़ मच गई थी। इस घटना में पांच लोग घायल हो गए थे। इसके बाद एएसआई की एक टीम ने 1 जनवरी को ताजमहल का दौरा किया था। टीम ने छानबीन के बाद संस्कृति मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी थी।

वीकेंड पर दोगुनी भीड़

पुरातत्व विभाग के मुताबिक, ताजमहल का दीदार करने के लिए हर दिन औसतन 35,000-40,000 पर्यटक आते हैँ। लेकिन, छुट्टियों और सप्ताह के अंत में यह संख्या 60,000-70,000 तक पहुंच जाती है। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है।

प्रदूषण भी वजह

बीते माह सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को हलफ़नामा सौंपकर बताया कि ताजमहल के संरक्षण और आगरा के विकास के लिए कई योजनाएं सरकार ने तैयार की हैं। इनमें आगरा में डीजल जनरेटर पर पाबन्दी, CNG वाहनों पर ज़ोर, प्रदूषण पर नियंत्रण और पॉलीथिन पर पाबन्दी जैसे कदम भी शामिल हैं।

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