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मस्जिद के इमाम बोले, ताजमहल एक कब्रिस्तान, यहां नहीं पढ़ सकते शिव चालीसा

ताज महल को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐ

मस्जिद के इमाम बोले, ताजमहल एक कब्रिस्तान, यहां नहीं पढ़ सकते शिव चालीसा

ताज महल को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐतिहासिक विंग अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति ने ताज महल परिसर में मुसलमानों के नमाज अदा करने पर रोक लगाने की मांग की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताजमहल का दौरा कर इस पर छिड़ी बहस को शांत करवाने की कोशिश की है। लेकिन ये मुद्दा शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा है। यह भी पढ़ेः ताज महल में मुस्लिमों की नमाज पर लगे रोक, नहीं तो शिव पूजा की भी मिले इजाजत।

यह भी पढ़ेः ताज महल में मुस्लिमों की नमाज पर लगे रोक, नहीं तो शिव पूजा की भी मिले इजाजत

इमाम सादिक अली ने बताया है कि ताजमहल में शिव चालीसा नहीं हो सकती है, क्योंकि यहां पर मस्जिद है। सादिक अली ने कहा कि कब्रिस्तान में शिव चालीसा नहीं हो सकती है, यह विवाद चल रहा है वो सही नहीं है। बातचीत कर इस मामले को सुलझाना चाहिए।

अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति ने अपील की थी कि ताजमहल में शुक्रवार को होने वाली नमाज़ पर रोक लगा दी जानी चाहिए। नेशनल सेकेट्ररी डॉ. बालमुकुंद पांडे ने कहा था कि ताजमहल एक राष्ट्रीय धरोहर है, तो उसे मुस्लिमों को धार्मिक स्थान के रूप में इस्तेमाल करने की इजाजत क्यों दी जाती है।

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ताजमहल में नमाज पढ़ने पर रोक लगा देनी चाहिए। हिंदू संगठन और भाजपा के कई नेता ताज महल को शिव मंदिर होने की भी बात कर रहे हैं और हिंदू युवा वाहिनी के कुछ सदस्यों ने ताजमहल के बाहर शिव चालीसा की थी। गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ताजमहल का दौरा करने गए थे। वहा पर कई नई योजनाओं की शुरुआत की थी।

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