Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

ताजमहल दो बार हुआ था नीलाम, मथुरा के सेठ ने लगाई थी हैरान करने वाली कीमत

दुनिया का सातवां अजूबा ताजमहल इन दिनों भारत में ही विवाद का विषय बन गया है।

ताजमहल दो बार हुआ था नीलाम, मथुरा के सेठ ने लगाई थी हैरान करने वाली कीमत
X

दुनिया का सातवां अजूबा ताजमहल इन दिनों भारत में ही विवाद का विषय बन गया है। यूपी की योगी सरकार ने इसे जहां प्रदेश की टूरिज्म बुकलेट से बाहर कर दिया है, वहीं भाजपा विधायक संगीत सोम ने ताजमहल को भारतीय संस्कृति पर एक धब्बा करार दिया है।

यह भी पढ़ें: ताजमहल विवाद में आजम भी कूदे, बोले- संसद, राष्ट्रपति भवन को भी गिरा दो

लेकिन, बहुत कम लोगों को ताजमहल के इतिहास की कम ही जानकारी है। ताजमहल को लेकर अब नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इतिहास के पन्नों से जानकारी मिली है कि ताजमहल दो बार नीलाम भी हो चुका है।

खास बात यह है कि एक बार तो नीलामी में इसकी कीमत ही सिर्फ सात लाख रुपये आंकी गई थी। इसके खरीददार भारतीय और ब्रिटिश दोनों थे।

यह भी पढ़ें: भाईदूज-दिवाली से पहले महाराष्ट्र में बसों की हड़ताल, जनता बेहाल

एक बार इसकी ऊंची बोली अंग्रेज अफसर ने ही लगाई थी। बात तो ताजमहल को लंदन ले जाने की भी हुई थी। लेकिन, ऐसा हो नहीं पाया। दूसरी बार इसकी कीमत भारतीय ने लगाई थी।

इतिहासकार आर. रामनाथ की बुक 'ताजमहल' और ब्रिटिश राइटर एच.जी. केन्स की बुक 'आगरा एंड नेबरहुड' में कई रोचक खुलासे हुए हैं। इसी में बताया गया है कि ताजमहल की दो बार नीलामी हुई थी। एक बार नीलामी तो 1931 में हुई थी।

यह भी पढ़ें: नाराज पुलिस जवानों ने राजनाथ सिंह को नहीं दिया 'गार्ड ऑफ ऑनर'

'आगरा एंड नेबरहुड' के मुताबिक 1931 में ताजमहल की नीलामी कराई गई थी। नीलामी का आदेश तत्कालीन बंगाल के गर्वनर लॉर्ड विलियम हेनरी कैवन्डिश ने दिया था। इसके लिए बाकायदा कोलकाता के अखबार में विज्ञापन दिया गया था।

मथुरा के सेठ लख्मीचंद जैन ने भी नीलामी में ऊंची बोली लगाई थी। इसके लिए उन्होंने सात लाख रुपये की बोली लगाई थी। इस तरह सेठ ने दुनिया के सातवें अजूबे को खरीद लिया था। नीलामी का लोगों ने जब खूब विरोध किया, तो उन्हें ताजमहल पर कब्जा लेने का ख्याल छोड़ना पड़ा।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story