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स्वामी स्वरुपानंद का विवादों से रहा है पुराना नाता, फिर दिया विवादित बयान

शंकराचार्य के खिलाफ शिरडी में धार्मिक भावनाएं भड़काने का केस दर्ज हुआ है।

स्वामी स्वरुपानंद का विवादों से रहा है पुराना नाता, फिर दिया विवादित बयान
नई दिल्ली. शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने साईं भक्तों पर फिर से हमला बोला है और कहा कि साईं भक्तों को गंगा में स्नान नहीं करना चाहिए और शादी की रस्म करना भी छोड़ दें। साथी ही शंकाराचार्य ने कहा कि साईं भक्तों को राम का नाम नहीं लेना चाहिए।
इससे पहले सोमवार को शंकराचार्य ने कहा था कि साईं पूजा हिंदू धर्म के खिलाफ है। एक टीवी चैनल पर शंकराचार्य ने कहा कि साईं भक्तों को भगवान राम की पूजा, गंगा में स्नान और हर-हर महादेव का जाप नहीं करना चाहिए।
शिरडी में केस दर्ज-
शंकराचार्य के खिलाफ शिरडी में धार्मिक भावनाएं भड़काने का केस दर्ज हुआ है। हालांकि इसके बावजूद भी वे साईं पूजा के विरोध में दिए बयान पर अड़े रहे। इसको लेकर मंगलवार को शंकराचार्य के खिलाफ कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए। वाराणसी में लोगों ने उनका पुतला फूंका और बयान वापस लेने की मांग की। इंदौर में भी साईं भक्तों ने प्रदर्शन किया। साथ ही एक भक्त ने अदालत में शिकायत दायर की और शंकराचार्य पर मुकदमा चलाने की गुहार की।
शंकराचार्य को जेल भेजने की मांग-
शंकराचार्य के बयान पर नाराजगी जताते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और हनुमानगढ़ी के महंत ज्ञानदास ने कहा कि शंकराचार्य की याद्‌दास्त कमजोर हो गई है और सरकार को तुरंत उन्हें जेल में बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य की टिप्पणी धार्मिक नहीं बल्कि लोगों को जात-पात में बांटने वाली है। अगर लोग साईं पर आस्था रखते हैं, तो किसी का क्या जाता है? ज्ञानदास ने कहा कि शंकराचार्य सोने-चांदी के सिंहासन पर बैठकर खुद की आरती उतरवाते हैं।
नीचे की स्‍लाइड्स में पढ़िए, शंकराचार्य के विवाद-

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