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कर्नाटक सबसे भ्रष्ट राज्य, जानिए बाकियों का हाल

देश में महाराष्ट्र भ्रष्टाचारी में चौथे नंबर है।

कर्नाटक सबसे भ्रष्ट राज्य, जानिए बाकियों का हाल
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भारत में भ्रष्टाचार किसी बड़ी बीमारी से कम नहीं है। ये ऐसी बीमारी है, जो देश को अंदर ही अंदर से खोखला करती जा रही है। इसके कारण देश का गरीब और ज्यादा गरीब और अमीर ज्यादा अमीर होता जा रहा है।

‘द सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज’ के सर्वे में ऐस खुलासा हुआ है कि रिश्वतखोरी के मामले कर्नाटक आज भी देश में टॉप पर है और महाराष्ट्र चौथे नंबर पर है।

कर्नाटक में लोग सार्वजनिक सेवाओं के लिए रिश्वत देते हैं। गौरतलब है कि ‘द सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज’ ने रिश्वतखोरी को लेकर 20 राज्यों में एक सर्वे करवाया है।

इस सर्वे में कर्नाटक अव्वल है तो दूसरे क्रमांक पर आंधप्रदेश, तीसरे पर तमिलनाडु और चौथे स्थान पर महाराष्ट्र है। पांचवे पर जम्मू-कश्मीर और छठवें स्थान पर पंजाब का नंबर आता है। हिमाचल प्रदेश, केरल और छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार का स्तर अन्य राज्यों से कम है।

‘द सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज’ ने 20 राज्यों के शहर और ग्रामीण विभाग के 300 लोगों से रिश्वतखोरी के मामले में उनके मत को जाना और उसके बाद खुलासा करते हुए घोषणा की है।

रिपोर्ट में बदलती सरकारों के बदलते नियम और सख्ती के अलावा लोगों में बढ़ रही जागरुकता और शिक्षा को बताया है। अधिकांश लोगों ने नोटबंदी के दौरान नवम्बर और दिसंबर 2016 में रिश्वतखोरी के कम होने की बात कही है।

बहुत कुछ करना अभी बाकी

रिपोर्ट में व्यक्त अनुमान के मुताबिक, 2017 में 20 राज्यों के 10 सरकारी महकमों में लोगों ने 6,350 करोड़ रुपये घूस के तौर पर दिए जबकि 2005 में यह आंकड़ा 20,500 करोड़ रुपये था।

अधिकांश लोग 100 से 500 रुपए की रिश्वत देते हैं। ऐसा ‘द सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज’ ने अपने सर्वे में खुलासा किया है। सर्वे से इस बात का संकेत मिलता है कि सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए अब भी बहुत कुछ करना बाकी है।

22 प्रतिशत कम हुआ भ्रष्टाचार

रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल 31 प्रतिशत लोगों को स्कूल, अदालत, बैंक या अन्य कामों के लिए 10 रुपए से लेकर 50 हजार रुपए तक की रिश्वत देनी पड़ी है।

आंकड़ों की मानें तो 2005 में अपने कामों के लिए 53 प्रतिशत लोगों को रिश्वत देनी पड़ती थी। इससे पता चलता है कि भ्रष्टाचार 22 प्रतिशत कम हुआ है। ये रिपोर्ट नीति आयोग के सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज ने अपनी 11वीं इंडिया करप्शन स्टडी-2017 के नाम से जारी की है।

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