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घाटी के अंदर 300 आतंकी मौजूद, सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी में सेना!

इसमें किसी भी अवांछित कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

घाटी के अंदर 300 आतंकी मौजूद, सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी में सेना!
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नई दिल्ली. बीते महीने 28-29 सितंबर की रात को सेना द्वारा भारत-पाकिस्तान सीमा लांघकर आतंकी लांच पैड्स को तबाह करने की कार्रवाई के बाद अब सेना की सक्रियता कश्मीर घाटी के अंदर बढ़ सकती है। इसके पीछे सेना और खुफिया ब्यूरो के सूत्रों को मिले वो इनपुट्स आधार हैं, जिनमें आने वाले दिनों में घाटी के भीतर पहले से मौजूद आतंकवादियों द्वारा सूबे की शांति भंग करके बड़ी वारदात को अंजाम दिया जा सकता है। ऐसे में सेना जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा से लेकर आतंरिक इलाकों तक सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद बनाए हुए है। इसमें किसी भी अवांछित कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
यूं बदले घाटी में हालात
रक्षा सूत्रों का कहना है कि बीते करीब छह महीने में जब सेना कश्मीर घाटी के अंदर आतंकियों और इस तरह की गतिविधि में शामिल अन्य कारकों के खिलाफ सैन्य अभियान चलाए हुए थी, तब पत्थरबाजी या नारे लगाकर सेना का विरोध किया जाता था। कई जगहों पर आमने-सामने की झड़प ने हिंसक रूप भी ले लिया था। बुरहान वानी की मौत भी ऐसी ही कार्रवाई के दौरान हुई थी। उसके बाद से घाटी में हालात तेजी से बदले। कई जगह कर्फ्यू भी लगाना पड़ा।
चुना हिंसा का रास्ता
आंकड़ों के हिसाब से इस वक्त कश्मीर घाटी के अंदर कुल करीब 300 आतंकी मौजूद हैं। इसमें घुसपैठ के जरिए घाटी में घुसे आतंकियों के अलावा कुछ स्थानीय लोग भी हैं, जिन्हें आतंकी संगठनों ने बुरवानी वानी की मौत की घटना का महिमामंडन कर आतंक का खूनी खेल खेलने के लिए अपने साथ मिलाया है। हाल में कश्मीर के प्रशासनिक विभागों में नियुक्त करीब 15 लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घाटी के अंदर से कुल 50 नए लोगों के आतंकी संगठनों में शामिल होने की खबर है। 180 आतंकी घाटी में पहले से मौजूद हैं। इसके अलावा उरी जैसे इलाकों से लगी उत्तरी-कश्मीर की सीमा से भी इस साल बड़ी तादाद में कई विदेशी आतंकियों ने घुसपैठ के जरिए प्रवेश किया है। घुसपैठ की कवायद में जुटे 85 आतंकियों को 2016 में सेना ने एलओसी से लगे अलग-अलग इलाकों में मार गिराया है।
कर्फ्यू में हुए संगठित
बीते करीब साढ़े तीन महीने से अधिक समय से रूके हुए सेना के अभियानों के दौरान आतंकियों ने न केवल नई भर्तियां की हैं। बल्कि कई जगहों पर पुलिस से हथियारों की लूट करके अपने संगठन को भी मजबूत किया है। श्रीनगर स्थित सेना की 15वीं कोर के कमांडर एसके दुआ भी हाल में हथियारों की लूट और आतंकियों की नई भर्ती को लेकर चिंता जता चुके हैं। कर्फ्यू के दौरान पसरी अशांति का पाकिस्तान ने भी खूब फायदा उठाया है। उसने हवाला के पैसे और अपने स्लिपर सेल के जरिए आने वाले दिनों में सूबे में आतंक मचाने की कवायद को जोरदार हवा देने का काम किया है।
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