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जानिए सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़ी 8 अहम बातें

सेना ने 7 आतंकी ठिकाने को नष्ट कर दिया और 38 आतंकी मार गिराए।

जानिए सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़ी 8 अहम बातें
नई दिल्ली. उरी सेक्टर में हुए आतंकी हमले के बाद 28 सितंबर को पाकिस्‍तान की सीमा में घुसकर भारतीय सेना ने कई आतंकियों का खात्‍मा किया है। हमले के ठीक 10वें दिन भारतीय सेना के 150 जवानों का स्पेशल दस्तां एलओसी में 3 किलोमीटर तक घुस गया। सेना ने 7 आतंकी ठिकाने को नष्ट कर दिया और 38 आतंकी मार गिराए। सेना ने इस स्पेशल ऑपरेशन को सर्जिकल स्ट्राइल कहा है।
सर्जिकल स्ट्राइक का मतलब
सर्जिकल स्ट्राइक का मतलब होता है एक ऐसा सैन्य हमला जिसमें किसी खास लक्ष्य को निशाना बनाया जाए। दरअसल जहां भी सर्जिकल स्ट्राइक की प्लानिंग होती है वहां पहले दुश्मन के लोकेशन की पुख्ता जानकारी इकट्ठा की जाती है। और एक-एक बारीकियों का ख्याल रखकर, एकदम सटीक हमला किया जाता है। दुश्मन के इलाके के चप्पे-चप्पे की खबर रखी जाती है और पहले से ही तय हो जाता है कि कैसे पूरे ऑपरेशन को अंजाम देना है।
1. बीबीसी के मुताबिक सूत्रों से मिली जानकारी कि आतंकवादी नियंत्रण रेखा के साथ लॉन्चपैड्स पर इसलिए एकत्रित हुए हैं ताकि सीमापार घुसपैठ कर जम्मू-कश्मीर या भारत के बड़े शहरों पर हमला कर सकते हैं।
2. इसके आधार पर भारतीय सेना ने उन लॉन्चपैड्स पर बुधवार रात सर्जिकल स्ट्राइक्स किए हैं। इसमें आतंकवादी और उनके समर्थकों को भारी नुक़सान पहुंचाया गया है और कईयों को मार दिया गया है।
3. इन ऑपरेशन्स को अब समाप्त कर दिया गया है। हमारा इन ऑपरेशन्स को जारी रखने का इरादा नहीं है क्योंकि इनका मक़सद सिर्फ़ आतंकवादियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करना था।
4. पिछले कुछ समय में पाकिस्तान से सटी नियंत्रण रेखा से घुसपैठ में बढ़ोत्तरी हुई है। 11 और 18 तारीख के हमलों के अलावा 20 ऐसी कोशिशों हुई हैं जिन्हें भारतीय सेना ने रोका है।
5. घुसपैठ की कोशिशों के दौरान मिले सामान में ग्लोबल पोज़िशनिंग सिस्टम (जीपीएस) जैसी चीज़ों पर पाकिस्तानी चिन्ह हैं।
6. हमने कुछ पाकिस्तानियों को हिरासत में भी लिया है जो पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर के मूल निवासी हैं। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया है कि उन्हें पाकिस्तान में प्रशिक्षण और हथियार दिए गए।
7. हमने पाकिस्तान से कहा है कि वो इन आतंकवादियों को क़ानूनी सहायता देने के लिए आज़ाद हैं। हमने उन्हें उड़ी और पुंछ के हमले में मारे गए आतंकवादियों के फ़िंगरप्रिंट और डीएनए सैम्पल देने की पेशकश भी की है।
8. हम किसी भी सूरत में आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा के पास हरक़त नहीं करने दे सकते। पाकिस्तान ने जनवरी 2004 में आश्वासन दिया था कि वो अपनी ज़मीन से भारत के ख़िलाफ आतंकवादी गतिविधियों को नहीं होने देगा और इसी आधार पर मैं (डीजीएमओ) पाकिस्तानी सेना से उम्मीद करता हूं कि वो हमारा समर्थन करें और इलाके में शांति बहाल हो।

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