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Surgical Strike 2: पेलोड क्या है, जिससे भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में तहलका मचा दिया

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ घफुर (Asif Ghafoor) ने मंगलवार को सुबह-सुबह ट्वीट करके बताया कि भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (LOC) को पार किया है। उन्होंने लिखा कि पाकिस्तानी वायुसेना ने फौरन जवाबी कार्रवाई की जिसके चलते भारतीय विमानों को भागना पड़ा। लेकिन भागते हुए जल्दबाजी में उन्होंने पेलोड छोड़ दिया जो बालाकोट में गिरा। मेजर घफूर के ट्वीट से यह तय हो गया कि भारतीय वायु सेना ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले का बदला लिया है। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि आखिर यह पेलोड क्या है (What is Payload)?

Surgical Strike 2: पेलोड क्या है, जिससे भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में तहलका मचा दिया
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पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ घफुर (Asif Ghafoor) ने मंगलवार को सुबह-सुबह ट्वीट करके बताया कि भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (LOC) को पार किया है। उन्होंने लिखा कि पाकिस्तानी वायुसेना ने फौरन जवाबी कार्रवाई की जिसके चलते भारतीय विमानों को भागना पड़ा।

लेकिन भागते हुए जल्दबाजी में उन्होंने पेलोड छोड़ दिया जो बालाकोट में गिरा। मेजर घफूर के ट्वीट से यह तय हो गया कि भारतीय वायु सेना ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले का बदला लिया है। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि आखिर यह पेलोड क्या है (What is Payload)?

पेलोड (Payload) एक तकनीकी शब्द है। जिसका अर्थ विस्फोटक शक्ति से है। सरल शब्दों में कहें तो किसी भी मिसाइल, विमान, रॉकेट या टॉरपीडो में विस्फोटक ले जाने की क्षमता पेलोड (Payload) कहलाती है।

किसी विमान या मिसाइल का पेलोड कितना है यह उस विमान या मिसाइल की विशेषता को बताता है। तो अगर कहा जाता है कि विमानों ने पेलोड को गिराया है तो साफ है कि लड़ाकू बम गिराया गया है। भारत ने इस ऑपरेशन में मिराज-2000 विमानों का इस्तेमाल किया था।

आइए जानते हैं मिराज-2000 विमान की खास बातें

  • मिराज-2000 एक अत्याधुनिक फ्रांसीसी लड़ाकू विमान है।
  • इस विमान का निर्माण फ्रांस की कंपनी दासौ एविएशन ने किया है। यह वही कंपनी है जिसने रफेल बनाया है।
  • मिराज-2000 विमान की लंबाई 47 फीट है और इसका वजन 7500 किलो है।
  • मिराज की अधिकतम रफ्तार 2000 किलोमीटर प्रति घंटा है।
  • मिराज-2000 विमान 138000 किलो गोला बारूद के साथ भी यह अच्छी रफ्तार पकड़ सकता है।
  • मिराज-2000 विमानों ने पहली बार 1970 के दशक में उड़ान भरी थी। यह डबल इंजन वाला चौथी पीढ़ी का मल्टीरोल लड़ाकू विमान है।

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