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Surgical Strike 2 : जानें सर्जिकल स्ट्राइक का इतिहास, भारत ने पाक को चटाई थी धूल

14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। जिसके बाद देश में गम और गुस्सा था। पीएम मोदी ने कहा था कि सेना अपने हिसाब से समय और जगह तय करेगी। अब खबर आई है कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक की है।

Surgical Strike 2 : जानें सर्जिकल स्ट्राइक का इतिहास, भारत ने पाक को चटाई थी धूल

14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। जिसके बाद देश में गम और गुस्सा था। पीएम मोदी ने कहा था कि सेना अपने हिसाब से समय और जगह तय करेगी। अब खबर आई है कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक (Air Strike) की है।

भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में घुस कर एक के बाद एक कई लेजर गाइडेड मिसाइल दागे। भारतीय सेना का पराक्रम ऐसा है कि उरी में हुए आतंकी हमले के बाद 29 सितंबर 2016 को सेना की एक टीम ने पाक पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। आइए जानते हैं पाकिस्तान पर भारत ने कब-कब की सर्जिकल स्ट्राइक।

मई 1998

पाकिस्तान ने खुद भारतीय सेना के इस ऑपरेशन की संयुक्त राष्ट्र से 1998 में शिकायत की। संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक किताब के पेज 321 पर यह दर्ज है। इसके मुताबिक पाकिस्तान ने 4 मई को शिकायत में कहा कि POK में एलओसी के 600 मीटर पार बंदाला सेरी में 22 लोगों को मार डाला गया।

पाकिस्तान गांव में मौजूद कुछ चश्मदीदो के हवाले से ये भी बताया गया कि करीब एक दर्जन लोग काले कपड़ों में आधी रात को आए। उन्होंने कुछ पर्चे भी छोड़े। जिस पर 'बदला ब्रिगेड' लिखा हुआ था। वहीं दूसरे पर्चे पर लिखा था 'बुरे काम का बुरा नतीजा'।

एक अन्य पर्चे पर लिखा था एक आंख के बदले 10 आंख, एक दांत के बदले पूरा जबड़ा। भारत ने फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का कहना था कि ये कार्रवाई पठानकोट और ढकीकोट के गांव में 26 भारतीय नागरिकों की हत्या के बदले में हुई थी।

1999

1999 की गर्मियों में कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना की टुकड़ी जम्मू के पास मुनावर तवी नदी से LOC को पार किया था। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान की एक पूरी चौकी को उड़ा दिया गया था। जिसके बाद पाकिस्तान ने बॉर्डर एक्शन टीम का गठन किया था। इसमें पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप के कमांडो शामिल थे।

जनवरी 2000

कारगिल युद्ध के 6 महीने बाद 21-22 जनवरी 200 को नीलम नदी के पार नडाला एनक्लेव में एक पोस्ट पर रेड के दौरान 7 पाकिस्तानी सैनिकों को कथित तौर पर घायल होने का दावा किया। पाक के मुताबिक ये सातों सैनिक भारतीय सेना की गोलीबारी में घायल हुए थे। बाद में इन सैनिकों के शवों को पाकिस्तान को वापस कर दिया था।

मार्च 2000

भारत द्वारा पाक पर की गई एक सर्जिकल स्ट्राइक में बताया गया कि कारगिल युद्ध के बाद LOC पर तैनात 12 बिहार बटालियन के कैप्टन गुरजिंदर सिंह इन्फैन्ट्री बटालियन कमांडो की टीम के साथ पाकिस्तान की चौकी पर धावा बोला था। ये पाकिस्तानी सेना के पूर्व में किए गए हमले की जवाबी कार्रवाई की थी।

भारत के इस ऑपरेशन में कैप्टन सूरी शहीद हो गए थे। मरणोपरांत उन्हें महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। इसी दौरान 2 मार्च 2000 को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने एक हमले में 35 सिखों की हत्या की थी।

तब अटल जी की सरकार की ओर से 9 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) को सरहद पर कर कार्रवाई की अनुमति दी गई थी। जिसके बाद स्पेशल फोर्स के मेजर की अगुआई में भारतीय सैनिकों ने एलओसी पार करके 28 पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकियों का काम तमाम किया था।

अगस्त 2011

30 अगस्त 2011 को पाकिस्तान ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके एक JCO समेत चार जवान केल में नीलम नदी घाटी के पास भारतीय सेना की कार्रवाई में मारे गए। द हिंदू अखबार ने इस घटना पर सूत्रों के हवाले से बताया था कि ये ऑपरेशन कारनाह में भारतीय जवानों पर हमले में दो भारतीय सैनिकों की हत्या और उनके शवों को क्षतविक्षत किए जाने के बदले में किया था।

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