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सर्जिकल स्ट्राइक 2: भारत ने लिया पुलवामा का बदला, पीओके में नेस्तनाबूद किया जैश का ठिकाना

पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के ठीक 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ पीओके में नियंत्रण रेखा लांघकर एक बड़ी कार्रवाई की है।

सर्जिकल स्ट्राइक 2: भारत ने लिया पुलवामा का बदला, पीओके में नेस्तनाबूद किया जैश का ठिकाना

पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के ठीक 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ पीओके में नियंत्रण रेखा लांघकर एक बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार सुबह तड़के साढ़े तीन बजे वायुसेना के 12 मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने मध्य-प्रदेश के ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरते हुए एलओसी पार कर पीओके के खैबर पख्तूनवा प्रांत में मौजूद बालाकोट आतंकी ठिकाने को ध्वस्त किया। इसमें जैश के कुल 300 आतंकवादी मारे गए हैं, जिसमें कई आतंकियों के अलावा जिहादी और जैश के कई वरिष्ठ कमांडर भी शमिल हैं।

इस कार्रवाई के बाद भारत में सरकार के स्तर पर सबसे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति (सीसीएस) की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें पीएम के अलावा रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त मंत्री अरुण जेटली, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना सहित अर्द्धसैनिक बलों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। दोपहर बाद भारत-पाक सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) की फोन पर बात भी हुई। जिसमें भारत, पाक द्वारा इस हमले को वार्ता के दौरान उठाने जाने के बाद तुरंत पुलवामा के बाद जवाबी प्रतिक्रिया के रूप में देने के इंतजार में था। लेकिन पाक द्वारा फिलहाल इसका कोई जिक्र नहीं किया गया है।
आत्मरक्षा में उठाया कदम
सीसीएस की बैठक के तुरंत बाद भारत की तरफ से सुबह साढ़े ग्यारह बजे आधिकारिक बयान दिया गया। जिसमें विदेश सचिव विजय गोखले ने एक संवाददाता सम्मेलन में वायुसेना की इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलवामा में हुए जैश के आतंकी हमले के बाद भारत ने आत्मरक्षा में यह कार्रवाई की है। क्योंकि उसे सुरक्षा एजेंसियों के जरिए लगातार ऐसे खुफिया इनपुट मिल रहे थे कि जैश अपने आतंकियों को आने वाले दिनों में भारत में फिर से फिदायीन हमला करने के लिए तैयार कर रहा है। भारतीय वायुसेना की यह कार्रवाई भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई नहीं है। वायुसेना ने केवल जैश के आतंकी ठिकाने को निशाना बनाया है, जिसमें किसी आम पाकिस्तानी नागरिक की जान नहीं गई है।
विदेश सचिव ने बताया, पाकिस्तान की धरती पर बीते करीब दो दशकों से आतंकी गतिविधियां चल रही हैं। वर्ष 2000 में आतंकियों ने संसद पर आतंकी हमला किया था। इसके बाद पठानकोट एयरबेस को आतंकियों ने निशाना बनाया। भारत वर्ष 2004 से पाकिस्तान को लगातार कह रहा था कि वो अपनी जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को चलाने के लिए न करे। लेकिन पाकिस्तान की तरफ से इसपर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद आत्मरक्षा में भारत को यह कार्रवाई करनी पड़ी। इस कार्रवाइ को लेकर भारत को संयुक्त राष्ट्र से लेकर सुरक्षा परिषद का भी समर्थन हासिल था। क्योंकि इनके द्वारा न केवल 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले की निंदा की गई थी। बल्कि भारत द्वारा आत्मरक्षा में की जाने वाली किसी भी कार्रवाई में उसका समर्थन करने की बात कही गई थी।
पाक ने तोड़ा संघर्षविराम
सेना के सूत्रों ने कहा, वायुसेना की कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी सेना ने जम्मू से ऊपर एलओसी से सटे अखनूर, पूंछ, राजौरी, नौशेरा, कृष्णाघाटी जैसे इलाकों में संघर्षविराम का उल्लंधन कर भारतीय सेना की चौकियों पर भीषण गोलीबारी शुरू कर दी है। इसमें छोटे और मोर्टार जैसे बड़े हथियारों का प्रयोग किया जा रहा है। भारतीय सेना की तरफ से इसका कड़ा जवाब दिया जा रहा है। पाकिस्तान की ओर से किसी भी तरह की प्रतिक्रिया के मद्देनजर रक्षा मंत्रालय ने थलसेना, वायुसेना, नौसेना को हाईअलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। शांति स्टेशनों पर तैनात सेनाओं की टुकड़ियों को पूर्ण असला-बारूद के साथ एलओसी से लेकर आईबी की ओर तैनाती के लिए रवाना कर दिया गया है। सैन्य अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर उन्हें मुख्य रणक्षेत्र की ओर कूच करने के आदेश दिए गए हैं। वायुसेना के सभी एयरबेस हाईअलर्ट पर हैं। एयरफोर्स के सभी पायलट किसी भी आपात स्थिति में दुश्मन पर जवाबी हमला करने के लिए तुरंत उड़ान भरने को तैयार हैं। वायुसेना के हवाई निगरानी विमान हवाई गश्त में लगे हुए हैं। साथ ही रडार को भी एक्टिव कर दिया गया है। इसके अलावा नौसेना के सभी जंगी युद्धपोत, पनडुब्बियों, विमान वाहक युद्धपोत को मिशन मोड के साथ भारतीय समुद्र तटों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।
आतंक की फैक्ट्री था बालाकोट
बालाकोट जैश-ए-मोहम्मद का एक बड़ा ट्रेनिंग कैंप था। यहां पर आतंकियों को भारत में आतंक मचाने के लिए बेसिक और एडवांस स्तर की ट्रेनिंग दी जाती थी। इसमें छह बैरक थे जहां आतंकियों के रूकने की व्यवस्था थी। यही पर पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम यानि बेट की टुकड़ी को भी एलओसी लांघकर भारतीय सेना पर हमला करने का प्रशिक्षण जैश और पाक सेना की मिलीभगत के जरिए दिया जाता था। बालाकोट आतंकी कैंप में जैश के मुखिया मौलाना मसूद अजहर के बेटे अब्दुला ने भी वर्ष 2017 में हथियार चलाने का प्रशिक्षण लिया था। इस कैंप की कमान मसूद अजहर के साले मोहम्मद युसूफ अजहर के हाथों में थी। इसके अलावा बालाकोट में ही पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड अब्दुल रशीद गाजी को भी कुछ वक्त पहले प्रशिक्षण दिया गया था। गाजी आईईडी हमला करने में महारत रखने वाला आतंकी है। इसी कैंप पर 2016 में जैश ने करीब 160 आतंकियों को ट्रेनिंग दी थी।
प्रयोग किया 1 हजार किग्रा़ का बम
मिराज विमानों ने इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए 1 हजार किग्रा. के इजराइली प्रिसिसन गाइडेड बम का इस्तेमाल किया और एलओसी लांघकर करीब 20 मिनट में आतंकी ठिकाने को ध्वस्त कर दिया और सुरक्षित भारतीय सीमा में लौट आए। यह बम जीपीएस तंत्र के साथ जुड़ा हुआ मारक हथियार माना जाता है। मिराज विमानों का रूट ग्वालियर एयरबेस से लेकर अंबाला, आदमपुर, पठानकोट, जम्मू-कश्मीर से होते हुए नियंत्रण रेखा पार करना था।
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