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सुप्रीम कोर्ट से जेपी इन्फ्राटेक को राहत, NCLT के फैसले पर लगाई रोक

जेपी बिल्डर नवंबर से हर माह 600 फ्लैटों पर पजेशन देगा।

सुप्रीम कोर्ट से जेपी इन्फ्राटेक को राहत, NCLT के फैसले पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने नैशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल के उस फैसले पर रोक लगा दी है जिसमें उन्होंने जेपी इन्फ्राटेक को दिवालिया घोषित किया था।

गौरतलब है कि 10 अगस्त को देश के मशहूर जेपी बिल्डर को नैशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) ने दिवालिया घोषित कर दिया था। जेपी बिल्डर पर 8,365 करोड़ का कर्ज था। 32 हजार लोगों के फ्लैट्स निर्माणाधीन है।

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काफी समय से जेपी बिल्डर्स के खिलाफ लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे थे, क्योंकि उनकी किश्तें पूरी होने के बाद भी उन्हें फ्लैट्स नहीं दिए गए थे।

17 अप्रैल को निवशकों के कई साल के आंदोलन के बाद कंपनी और इसके बड़े अधिकारियों के केस दर्ज किया गया था। यह मामला जेपी के नोएडा में 'मेगा हाउसिंग प्रॉजेक्ट' के 32 हजार फ्लैट्स से जुड़ा है।

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शिकायतकर्ताओं में 225 बायर्स के नाम हैं, जिन्होंने धोखाधड़ी, फाइनेंशल फ्रॉड और आपराधिक षड्यंत्र के तहत मामला दर्ज कराया था। एफआईआर में 2007 से 2013 तक की जांच को आधार बनाया गया है।

इसी दौरान 'विश टाउन' में फ्लैट्स बेचे गए थे। तब से अब तक 32 हजार में से सिर्फ 5 हजार फ्लैट्स ही 'विश टाउन' में दिए जा सके हैं।

एफआईआर में धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 467, 468, 471 (जालसाजी) और 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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