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जयललिता की बेटी होने की दावा करने वाली महिला की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता की बेटी होने का दावा करने वाली महिला की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

जयललिता की बेटी होने की दावा करने वाली महिला की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता की बेटी होने का दावा करने वाली महिला की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। बेंगलुरू की रहने वाली महिला अमृता सारथी ने दावा किया है कि वह जयललिता की बेटी है।

जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की बेंच ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि ये मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का नहीं हैं। याचिकाकर्ता को दूसरे कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करना चाहिए।

कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की दी जाए इजाजत-

अमृता की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा कि अगर हमने इस मामले की याचिका मद्रास हाईकोर्ट में दाखिल की तो कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसलिए हमें कर्नाटक हाईकोर्ट में इस याचिका को दाखिल करने की इजाजत दी जाए।

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सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करने से किया मना-

सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग पर टिप्पणी करने से मना कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता अपने पास उपलब्ध कानूनी विकल्पों को इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र हैं।

क्या है अमृता का दावा-

इंदिरा जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि कि अमृता जयलिलता की बेटी है। चूंकि जयललिलता की शादी नहीं हुई थी इसलिए अमृता को जन्म के बाद जयललिता की बहन शैलजा को सौंप दिया गया था।

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डीएनए टेस्ट कराने की मांग-

अमृता की वकील इंदिरा जयसिंह ने जयललिता के पार्थिव शरीर को निकालने की मांग की है। जिससे अमृता का डीएनए टेस्ट कराया जा सके और ये साबित हो सके की अमृता जयललिता की बेटी है।

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